Gujarat PSUs का बड़ा कमाल: रिस्ट्रक्चरिंग के बाद सरकार को दिया **₹385 करोड़** का डिविडेंड

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AuthorNeha Patil|Published at:
Gujarat PSUs का बड़ा कमाल: रिस्ट्रक्चरिंग के बाद सरकार को दिया **₹385 करोड़** का डिविडेंड

Gujarat Energy Limited और GSPL Transmission Limited ने फाइनेंशियल ईयर **2026** के लिए गुजरात सरकार को **₹384.67 करोड़** का भारी-भरकम डिविडेंड दिया है। मई **2026** में हुए बड़े कॉरपोरेट रिस्ट्रक्चरिंग के बाद सरकार की हिस्सेदारी इन दोनों कंपनियों में बढ़कर **38%** तक पहुंच गई है।

गुजरात सरकार को अपने सरकारी उपक्रमों (PSUs) से बड़ी वित्तीय राहत मिली है। मई 2026 में लागू हुई एक बड़ी संगठनात्मक फेरबदल के बाद, Gujarat Energy Limited और नई बनी GSPL Transmission Limited ने सामूहिक रूप से ₹384.67 करोड़ का डिविडेंड जारी किया है। यह कदम राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन है, क्योंकि कंपनी के पेट्रो ऑपरेशंस और ट्रांसमिशन एसेट्स को अलग-अलग करके नई दिशा दी गई है।

रिस्ट्रक्चरिंग का असर

यह रिकॉर्ड डिविडेंड Gujarat State Petroleum Corporation (GSPC) ग्रुप की जटिल रिस्ट्रक्चरिंग का परिणाम है। इस प्रक्रिया में राज्य की पेट्रोलियम गतिविधियों को Gujarat Gas Limited में शामिल कर उसे 'Gujarat Energy Limited' का नाम दिया गया, जबकि गैस ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को एक स्वतंत्र कंपनी GSPL Transmission Limited के तौर पर डीमर्ज किया गया। इस रीऑर्गनाइजेशन से सरकार की सीधी हिस्सेदारी 6% से बढ़कर 38% हो गई, जिससे राजस्व के स्रोत और अधिक सुदृढ़ हुए हैं।

डिविडेंड और मार्केट परफॉर्मेंस

कुल डिविडेंड में से Gujarat Energy Limited का हिस्सा ₹324 करोड़ रहा है। तुलना के लिए देखें तो, वित्त वर्ष 2023 से 2025 के बीच पूरे तीन वर्षों में इस ग्रुप ने कुल मिलाकर मात्र ₹81.55 करोड़ का डिविडेंड दिया था। वहीं, GSPL Transmission, जो 30 सितंबर 2026 को शेयर बाजार में लिस्ट हुई, उसने ₹60.67 करोड़ का योगदान दिया है। बाजार में GSPL Transmission के शेयर में खबर के बाद 5% की तेजी देखी गई, जबकि Gujarat Energy Limited के शेयर ₹219 के 52-वीक लो के करीब पहुंचने के बाद थोड़ा संभले हैं।

आगे की चुनौतियां

निवेशकों को कुछ जोखिमों पर नजर रखनी चाहिए। Gujarat Energy Limited की कमाई Morbi के सिरेमिक क्लस्टर में औद्योगिक मांग पर निर्भर है; यदि गैस की कीमतें बढ़ती हैं, तो कंपनियां प्रोपेन जैसे सस्ते विकल्पों पर शिफ्ट हो सकती हैं। साथ ही, पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भू-राजनीतिक तनाव गैस की ग्लोबल सप्लाई और कीमतों को अस्थिर कर सकता है। GSPL Transmission के लिए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एक नई लिस्टेड कंपनी के रूप में यह अपने कामकाज को कितनी कुशलता से संभालती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.