Renewable Power: गुजरात में बिजली हुई सस्ती, बैंकिंग चार्ज घटाकर ₹1 प्रति यूनिट किया गया

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AuthorAditya Rao|Published at:
Renewable Power: गुजरात में बिजली हुई सस्ती, बैंकिंग चार्ज घटाकर ₹1 प्रति यूनिट किया गया

Gujarat Electricity Regulatory Commission (GERC) ने रिन्यूएबल एनर्जी बैंकिंग चार्ज को **₹1.50** से घटाकर **₹1.00** प्रति यूनिट कर दिया है। यह बदलाव **1 सितंबर 2026** से प्रभावी होगा, जिससे इंडस्ट्रियल और कमर्शियल कंज्यूमर्स की लागत में कमी आएगी।

मैन्युफैक्चरर्स को बड़ी राहत

गुजरात के इंडस्ट्रियल और कमर्शियल बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। GERC के इस फैसले से उन कंपनियों को सीधा फायदा होगा जो अपनी 'कैप्टिव सोलर पावर' यूनिट्स का इस्तेमाल करती हैं। अक्सर कंपनियां ग्रिड को एक 'वर्चुअल बैटरी' की तरह उपयोग करती हैं—जब सोलर पावर ज्यादा होती है तो उसे ग्रिड में जमा कर दिया जाता है, और जरूरत पड़ने पर वापस ले लिया जाता है। इस बैंकिंग प्रोसेस पर लगने वाली फीस में कटौती से टेक्सटाइल, केमिकल और फार्मा सेक्टर की कंपनियों के ऑपरेशनल खर्च में कमी आएगी।

2027 से बदलेंगे नियम

राज्य सरकार अब फिक्स्ड चार्ज मॉडल से आगे बढ़कर एक डेटा-ड्रिवन 'कॉस्ट-रिफ्लेक्टिव' प्राइसिंग मॉडल की ओर बढ़ रही है, जो 1 अप्रैल 2027 से लागू होगा। इस नए फ्रेमवर्क के तहत, हर साल ग्रिड के वास्तविक इस्तेमाल के आधार पर बैंकिंग फीस तय की जाएगी। इसमें यूटिलिटीज को 15-मिनट के अंतराल का डेटा, ट्रांसमिशन लॉस और मार्जिनल कॉस्ट का ब्यौरा देना होगा। यदि डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां (DISCOMs) यह डेटा पेश नहीं कर पाईं, तो बैंकिंग चार्ज शून्य माना जाएगा।

यह फैसला DISCOMs पर डेटा पारदर्शिता बढ़ाने का दबाव डालेगा। निवेशकों के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नया मॉडल लंबी अवधि में पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के फाइनेंशियल हेल्थ पर क्या असर डालता है और कैसे यह रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.