यह रिपोर्ट इंडियन एनर्जी सेक्टर के लिए बेहद अहम मानी जा रही थी, जिसमें मार्केट के अहम इंडिकेटर्स, सेक्टर के वैल्यूएशन (Valuation), भू-राजनीतिक (Geopolitical) असर और एक्सपर्ट्स की राय जैसे ज़रूरी इनपुट शामिल होने थे।
लेकिन, Google Search टूल लगातार बेकाम की जानकारी दे रहा था, जिसमें ज्यादातर किसी दूसरी जगह की टाइम-बेस्ड (Time-based) डिटेल्स थीं।
डेटा के इस अभाव की वजह से कॉम्पिटिटिव एनालिसिस (Competitive analysis), हिस्टोरिकल कॉन्टेक्स्ट (historical context) और मैक्रो कोरिलेशन (macro correlations) जैसे ज़रूरी विश्लेषण नहीं हो पा रहे हैं।
नतीजतन, इस हाई-इम्पैक्ट मार्केट रिपोर्ट को बनाने का काम इस स्थिति में असंभव हो गया है।