GAIL के चेयरमैन दीपक गुप्ता ने चेतावनी दी है कि ग्लोबल मार्केट में LNG की कीमतें **$20** प्रति mmBtu से ऊपर जाने के कारण घरेलू मांग पर दबाव बढ़ गया है। ग्राहक अब सस्ते ईंधन विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जो कंपनी के वॉल्यूम के लिए एक बड़ी चुनौती है।
डिमांड पर संकट
GAIL (India) Limited के लिए एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। चेयरमैन दीपक गुप्ता का कहना है कि जब ग्लोबल स्तर पर LNG की कीमतें $20 प्रति mmBtu के पार निकल जाती हैं, तो घरेलू इंडस्ट्रियल और कमर्शियल खरीदारों के लिए गैस का इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है। इस स्थिति में कंज्यूमर सस्ते फ्यूल की तरफ स्विच करने लगते हैं, जिसे इंडस्ट्री में 'डिमांड डिस्ट्रक्शन' कहा जाता है।
फाइनेंशियल हेल्थ और स्ट्रैटेजी
इस उतार-चढ़ाव भरे माहौल के बावजूद, कंपनी अपनी परफॉर्मेंस को स्थिर बनाए रखने की कोशिश कर रही है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में GAIL ने ₹38,982 करोड़ का स्टैंडअलोन रेवेन्यू और ₹4,292 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था।
कंपनी अपनी निर्भरता कम करने के लिए सप्लाई चेन को डायवर्सिफाई कर रही है। इसी के तहत ADNOC Gas के साथ 10 साल का बड़ा सप्लाई एग्रीमेंट किया गया है, ताकि गैस की कीमतों और सप्लाई में स्टेबिलिटी बनी रहे। हालांकि, हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे समुद्री मार्गों पर भू-राजनीतिक तनाव अब भी कंपनी के लिए एक बड़ा जोखिम है।
निवेशकों के लिए राय
11 सितंबर, 2026 तक GAIL का शेयर लगभग ₹173.62 पर ट्रेड कर रहा था। फिलहाल कंपनी के लिए इनपुट कॉस्ट में अस्थिरता सबसे बड़ा खतरा बनी हुई है, जो पेट्रोकेमिकल और गैस मार्केटिंग के मार्जिन को सीधे प्रभावित करती है। निवेशकों को आने वाले समय में ग्लोबल गैस प्राइस ट्रेंड्स और सप्लाई चेन की स्थिरता पर खास नजर रखनी होगी।
