सरकारी कंपनी GAIL (India) अमेरिका के Eagle Ford शेल प्रोजेक्ट में अपनी **20%** हिस्सेदारी बेचने जा रही है। करीब **₹100 करोड़** की इस डील के जरिए कंपनी अपने कोर बिजनेस पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है।
विदेशी निवेश का 'स्ट्रेटेजिक एक्जिट'
GAIL (India) अब अमेरिका के टेक्सस स्थित Eagle Ford शेल बेसिन से बाहर निकलने के अंतिम चरण में है। कंपनी इस प्रोजेक्ट में अपनी 20% नॉन-ऑपरेटेड हिस्सेदारी के लिए अमेरिकी फर्मों की बोलियों की समीक्षा कर रही है। उम्मीद है कि यह सौदा इसी महीने पूरा हो जाएगा, जिसकी वैल्यू करीब ₹100 करोड़ आंकी गई है।
क्यों लिया ये फैसला?
साल 2011 में GAIL ने इस हिस्सेदारी को करीब $95 मिलियन के निवेश के साथ खरीदा था, जिसमें ड्रिलिंग लागत का वादा भी शामिल था। हालांकि, बीते कुछ वर्षों में यहां प्रोडक्शन वॉल्यूम में लगातार गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते कंपनी ने इस नॉन-कोर एसेट से दूरी बनाने का फैसला किया है। अब GAIL का पूरा ध्यान भारत में अपने नेचुरल गैस ट्रांसमिशन, प्रोसेसिंग और डिस्ट्रीब्यूशन के मुख्य कामकाज पर है।
क्या शेयरधारकों पर पड़ेगा असर?
भले ही यह डील ₹100 करोड़ की है, जो कंपनी के कुल मार्केट कैप के सामने बड़ी नहीं है, लेकिन यह पोर्टफोलियो को साफ-सुथरा बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। इससे पहले Reliance Industries ने भी 2021 में Eagle Ford क्षेत्र से अपना कारोबार समेट लिया था। निवेशकों के लिए फिलहाल बड़ा टेक-अवे यह है कि कंपनी अब घाटे वाले पुराने अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स के बजाय घरेलू गैस बुनियादी ढांचे को मजबूती देने पर जोर दे रही है।
