आज शेयर बाजार में GAIL (India) Ltd के शेयरों में **5%** की गिरावट देखी गई, जबकि कंपनी ने पहली तिमाही में अपने नेट प्रॉफिट को लगभग दोगुना करके **₹4,670.99 करोड़** कर लिया है। गैस मार्केटिंग सेगमेंट ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन बड़े बाजार के रुझानों के मुकाबले इन नतीजों को देखते हुए निवेशकों ने बिकवाली का रुख अपनाया।
मुनाफे में दोगुना उछाल, फिर भी शेयर धड़ाम!
GAIL (India) Ltd के शेयर सोमवार को ट्रेडिंग सेशन के दौरान 5% गिर गए और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ₹172.15 के इंट्राडे लो तक पहुंच गए। यह गिरावट कंपनी द्वारा 2026-27 के वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे जारी करने के बाद आई। स्टॉक में गिरावट के बावजूद, कंपनी ने पिछले साल की इसी तिमाही के ₹2,382.24 करोड़ की तुलना में अपने कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में ₹4,670.99 करोड़ की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की।
गैस मार्केटिंग ने खींचा ग्रोथ का पहिया
कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) बढ़कर ₹41,350.18 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹35,428.81 करोड़ था। इस तिमाही में सबसे दमदार प्रदर्शन गैस मार्केटिंग सेगमेंट का रहा, जहां कमाई ₹1,071.60 करोड़ से बढ़कर ₹3,481.29 करोड़ हो गई। इसके अलावा, नेचुरल गैस ट्रांसमिशन बिजनेस ने ₹1,782 करोड़ का योगदान दिया, जो 14% की बढ़ोतरी दर्शाता है। वहीं, LPG सेगमेंट ने भी ₹772.50 करोड़ की कमाई के साथ अच्छी ग्रोथ दिखाई।
पेट्रोकेमिकल में घाटा, आगे क्या?
हालांकि कंपनी ने कुल मिलाकर मुनाफे में ग्रोथ दर्ज की, लेकिन पेट्रोकेमिकल सेगमेंट को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इस सेगमेंट में ₹122.53 करोड़ का घाटा दर्ज किया गया। यह पिछले साल की इसी अवधि में हुए ₹248.63 करोड़ के घाटे से बेहतर है, लेकिन यह निवेशकों के लिए ट्रैक करने वाला एक अहम क्षेत्र बना हुआ है। पेट्रोकेमिकल बिजनेस की प्रॉफिटेबिलिटी अक्सर कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और प्रोडक्ट प्राइसिंग साइकल्स के प्रति संवेदनशील होती है।
विश्लेषकों का कहना है कि GAIL का आने वाले क्वार्टर्स में प्रदर्शन घरेलू गैस सप्लाई की स्थिरता और LNG प्राइसिंग पर निर्भर करेगा। ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने पहले ही क्वार्टर में गैस ट्रेडिंग के लिए अपने पूरे साल के EBIT गाइडेंस का एक बड़ा हिस्सा हासिल कर लिया है। हालांकि, हेनरी हब (Henry Hub) से जुड़ी गैस की उपलब्धता में संभावित अस्थिरता और बाहरी भू-राजनीतिक कारक भविष्य में ट्रांसमिशन की प्रॉफिटेबिलिटी को प्रभावित कर सकते हैं।
निवेशक कंपनी की पेट्रोकेमिकल डिवीजन को टर्नअराउंड करने की क्षमता और अपने मुख्य गैस ट्रांसमिशन और मार्केटिंग ऑपरेशंस में वॉल्यूम ग्रोथ को बनाए रखने पर नजर रखेंगे। कंपनी के लिए अगली बड़ी अपडेट्स उसके चल रहे LNG इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की प्रगति और ग्लोबल एनर्जी प्राइस ट्रेंड्स में किसी भी बदलाव पर निर्भर करेंगी जो उसके ऑपरेशनल मार्जिंस को प्रभावित कर सकते हैं।
