सरकारी गैस कंपनी GAIL (India) ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में जोरदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर **127.5%** बढ़कर **₹4,290 करोड़** हो गया है, जिसे गैस ट्रांसमिशन वॉल्यूम में बढ़ोतरी और पेट्रोकेमिकल मार्जिन में सुधार से मजबूती मिली है।
मुनाफे का गणित और रेवेन्यू
GAIL ने इस तिमाही में शानदार ऑपरेशन्स दिखाते हुए रेवेन्यू में 12% का इजाफा दर्ज किया है, जो बढ़कर ₹38,950 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी की सफलता का मुख्य कारण गैस ट्रांसमिशन का कारोबार है, जो लगातार मजबूत बना हुआ है।
पाइपलाइन का असर और नई गाइडेंस
कंपनी ने 1,707 किलोमीटर लंबी मुंबई-नागपुर-झारसुगुड़ा नेचुरल गैस पाइपलाइन का संचालन शुरू कर दिया है। इसके चलते, GAIL ने अपने पूरे साल के ट्रांसमिशन वॉल्यूम गाइडेंस को 119 mmscmd से बढ़ाकर 123 mmscmd कर दिया है। पहली तिमाही में ही कंपनी 122 mmscmd वॉल्यूम तक पहुंच चुकी है, जो इसकी बढ़ती कार्यक्षमता को दर्शाता है।
पेट्रोकेमिकल सेगमेंट में रिकवरी
पेट्रोकेमिकल बिजनेस, जो अक्सर उतार-चढ़ाव वाला रहता है, वहां भी अब सुधार के संकेत हैं। EBITDA घाटा जो पिछली तिमाही में ₹390 करोड़ था, वो घटकर मात्र ₹11 करोड़ रह गया है। पाटा (PATA) पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स अब फुल कैपेसिटी पर काम कर रहा है।
भविष्य की योजनाएं
साल 2030 तक घरेलू गैस की बढ़ती मांग को देखते हुए GAIL ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। कंपनी 7-8 मिलियन मीट्रिक टन सालाना LNG सप्लाई सुरक्षित करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। साथ ही, अपनी सब्सिडियरी GAIL Gas की लिस्टिंग की चर्चाएं भी निवेशकों के बीच वैल्यू अनलॉक करने की उम्मीद जगा रही हैं। हालांकि, ग्लोबल जियोपॉलिटिकल अस्थिरता और कच्चे माल की लागत पर नजर रखना जरूरी है।
