GAIL India का बड़ा ग्रीन एनर्जी प्लान
सरकारी एनर्जी कंपनी GAIL India Limited, देश को रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) की ओर ले जाने के अपने मिशन को मजबूत कर रही है। कंपनी ₹3,800 करोड़ का बड़ा निवेश करने जा रही है, जिससे 700 MW की नई सोलर पावर क्षमता के साथ-साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) भी स्थापित किए जाएंगे। इस कदम से GAIL की मौजूदा 147 MW की क्लीन एनर्जी क्षमता बढ़कर 1,000 MW से भी ऊपर पहुंच जाएगी, जो इसके ग्रीन एनर्जी लक्ष्यों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा।
इस विस्तार का मुख्य हिस्सा उत्तर प्रदेश के झाँसी में TUSCO सोलर पार्क में 600 MW का सोलर प्रोजेक्ट होगा, जिसमें 550 MWh का BESS शामिल होगा। यह मुख्य रूप से GAIL के पाटा पेट्रोकेमिकल प्लांट को बिजली सप्लाई करेगा। वहीं, महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर में 100 MW का एक और सोलर प्रोजेक्ट 22 MWh स्टोरेज सिस्टम के साथ लगाया जाएगा, जो इसके PDH-PP प्लांट की ऊर्जा जरूरतें पूरी करेगा। यह प्रोजेक्ट अकेले ₹3,294.86 करोड़ का होगा। ये प्रोजेक्ट GAIL के क्लीन एनर्जी पोर्टफोलियो को काफी मजबूत करेंगे और भारत के नेट-जीरो एमिशन (Net-Zero Emission) के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेंगे। GAIL की वर्तमान 29 MW सोलर और 118 MW विंड एनर्जी क्षमता पूरी तरह से इस्तेमाल हो रही है, जिससे इस विस्तार की जरूरत साफ दिखती है।
हालांकि, यह बड़ा निवेश ऐसे समय में आ रहा है जब GAIL कुछ फाइनेंशियल चुनौतियों का सामना कर रही है। फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की तुलना में 27.6% घटकर ₹1,602.6 करोड़ रह गया। वहीं, रेवेन्यू 2.7% गिरकर ₹34,075.8 करोड़ हो गया और EBITDA 17% घटकर ₹2,655.2 करोड़ पर आ गया। ऑपरेटिंग मार्जिन भी घटकर 7.8% रह गया, जो पिछले साल 9.1% था। कंपनी के मुख्य नेचुरल गैस मार्केटिंग बिज़नेस का ऑपरेटिंग प्रॉफिट पिछले तिमाही से 34% गिर गया।
GAIL इस सोलर और स्टोरेज प्रोजेक्ट के लिए डेट (Debt) और इक्विटी (Equity) के मिश्रण का उपयोग करेगी। इसके अलावा, कंपनी फाइनेंशियल ईयर 2027 में अन्य ग्रोथ प्रोजेक्ट्स के लिए ₹50-60 अरब का अतिरिक्त कर्ज लेने की योजना बना रही है। यह बढ़ता कर्ज और बड़ा कैपिटल स्पेंडिंग (Capital Spending) एनालिस्टों के बीच चिंता का विषय है, जो इन प्रोजेक्ट्स की कुशलता और लाभप्रदता पर सवाल उठा रहे हैं।
GAIL का यह कदम भारतीय एनर्जी मार्केट में इसे और प्रतिस्पर्धी बनाएगा। NTPC जैसी कंपनियां 60 GW तक रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य रख रही हैं, ONGC 4.1 GW प्रोजेक्ट्स में ₹3,300 करोड़ लगा रही है, और Reliance Industries का लक्ष्य 2030 तक 100 GW रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल करना है। भारत का रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें सौर ऊर्जा प्रमुख है, ताकि 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल क्षमता और 2070 तक नेट-जीरो का लक्ष्य पूरा किया जा सके।
कुछ एनालिस्ट, जैसे Kotak Institutional Equities, GAIL को 'Sell' रेटिंग दे रहे हैं, जो लोअर प्रॉफिट गाइडेंस और कैपिटल स्पेंडिंग स्ट्रैटेजी पर चिंता जता रहे हैं। जियोपॉलिटिकल इवेंट्स (Geopolitical Events) भी LNG कीमतों और मुनाफे को प्रभावित कर सकते हैं। इन चुनौतियों के बावजूद, ज्यादातर एनालिस्ट GAIL पर पॉजिटिव हैं, जिनकी कंसेंसस (Consensus) 'Buy' रेटिंग है और टारगेट प्राइस ₹175 से ₹196 के बीच है। GAIL का लक्ष्य 2040 तक नेट-जीरो एमिशन और 2035 तक 3.4 GW रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल करना है।