First Solar: भारत में मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी रफ्तार, कंपनी ने किया **$15 करोड़** का बड़ा निवेश

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AuthorAditya Rao|Published at:
First Solar: भारत में मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी रफ्तार, कंपनी ने किया **$15 करोड़** का बड़ा निवेश

First Solar ने तमिलनाडु में अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी को अपग्रेड करने के लिए अतिरिक्त **$15 करोड़** के निवेश का ऐलान किया है। कंपनी अपनी अगली पीढ़ी की थिन-फिल्म सोलर टेक्नोलॉजी को भारत में तैनात करना चाहती है।

भारत में बड़ी दावेदारी

First Solar भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को लगातार बढ़ा रही है। इस ताजा $15 करोड़ के निवेश का मुख्य मकसद तमिलनाडु स्थित प्लांट में थिन-फिल्म सोलर मॉड्यूल की नई टेक्नोलॉजी को लाना है। यह नई टेक्नोलॉजी भारत जैसे गर्म मौसम वाले देशों के लिए बेहद असरदार मानी जा रही है, क्योंकि यह भीषण गर्मी में भी बेहतर एफिशिएंसी (Efficiency) देती है। इसके साथ ही भारत में कंपनी का कुल निवेश $1 अरब के करीब पहुंच गया है। कंपनी का कहना है कि उनकी 'कैडमियम टेल्यूराइड' टेक्नोलॉजी उन्हें ग्लोबल पॉलिसिलिकॉन सप्लाई चेन की निर्भरता से बचाती है।

मिले-जुले फाइनेंशियल आंकड़े

कंपनी ने जिस वक्त यह निवेश किया है, उसी दौरान फाइनेंशियल मोर्चे पर कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं। साल 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी की सेल्स में 23% की गिरावट आई है, लेकिन इसके बावजूद नेट इनकम में 11% का उछाल दर्ज किया गया है। शेयरहोल्डर्स का भरोसा बनाए रखने के लिए कंपनी ने अक्टूबर 2026 के आखिर में $50 करोड़ के शेयर बायबैक प्रोग्राम की भी घोषणा की है। हालांकि, ग्लोबल मार्केट की सुस्ती को देखते हुए कंपनी ने अपनी 2026 की वॉल्यूम गाइडेंस को घटा दिया है।

सरकारी नीतियों पर नजर

निवेशकों के लिए इस विस्तार का एक बड़ा हिस्सा सरकारी नीतियों से जुड़ा है। कंपनी ने साफ किया है कि उनकी भविष्य की प्लानिंग 'Approved List of Models and Manufacturers' (ALMM) पर टिकी है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इस सेक्टर में प्राइसिंग का दबाव बना हुआ है, ऐसे में नई टेक्नोलॉजी को लागू करना और प्रोजेक्ट टाइमलाइंस पर टिके रहना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.