Fervo Energy ने यूटा स्थित अपने Cape Station प्लांट से आधिकारिक तौर पर कमर्शियल बिजली सप्लाई शुरू कर दी है। हालांकि, यह प्रोजेक्ट जहां एक बड़ी कामयाबी है, वहीं कंपनी का बढ़ता घाटा और IPO खुलासों को लेकर शुरू हुई कानूनी जांच निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
जियोथर्मल टेक्नोलॉजी का बड़ा कदम
Fervo Energy (NASDAQ: FRVO) ने 30 सितंबर, 2026 को यूटा में अपने Cape Station प्लांट से कमर्शियल ऑपरेशंस शुरू कर दिए हैं। यह प्लांट तय डेडलाइन से पहले ही शुरू हो गया है, जो जियोथर्मल एनर्जी के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। कंपनी ने ऑयल और गैस सेक्टर की हॉरिजॉन्टल ड्रिलिंग तकनीक का इस्तेमाल कर गर्मी के ऐसे स्रोतों तक पहुंच बनाई है, जो पहले नामुमकिन थे।
पावर ग्रिड और बड़े क्लाइंट्स
फिलहाल, इस प्लांट का पहला फेज ग्रिड से जुड़ चुका है और 33 मेगावाट बिजली की सप्लाई कर रहा है। कंपनी का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 100 मेगावाट तक ले जाने का है। खास बात यह है कि इस बिजली के लिए Google और Southern California Edison जैसे बड़े दिग्गज क्लाइंट्स के साथ करार किया गया है।
बढ़ते घाटे और कानूनी पेच
इंजीनियरिंग के मोर्चे पर सफल रहने के बावजूद कंपनी आर्थिक चुनौतियों से घिरी है। 14 मई, 2026 को $27.00 के इश्यू प्राइस पर IPO लाने वाली इस कंपनी का कैश बर्न काफी ज्यादा है। फाइनेंशियल ईयर 2026 की दूसरी तिमाही में कंपनी को $55.9 मिलियन का नेट लॉस हुआ है।
इसके अलावा, शेयरहोल्डर ग्रुप्स ने IPO फाइलिंग में पारदर्शिता को लेकर कंपनी के खिलाफ जांच शुरू की है। आरोप है कि कंपनी ने ट्रांसमिशन रिस्क के बारे में निवेशकों को पर्याप्त चेतावनी नहीं दी थी। ये रिस्क प्लांट से ग्रिड तक बिजली भेजने की क्षमता को सीमित कर सकते हैं।
भारतीय निवेशकों के लिए सलाह
यह ध्यान रखना जरूरी है कि Fervo Energy केवल अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज NASDAQ पर लिस्टेड है, इसका भारतीय शेयर बाजार (NSE/BSE) से कोई सीधा संबंध नहीं है। निवेशक अभी कंपनी के 2027 के अगले प्रोजेक्ट फेज और कानूनी जांच के नतीजों पर पैनी नजर बनाए रखें।
