सोलर मैन्युफैक्चरर Emmvee ने अपने विस्तार की रफ्तार तेज कर दी है। कंपनी ने H1 FY27 में **79%** का शानदार प्रॉफिट दर्ज किया है और अब **₹5,500 करोड़** के निवेश के साथ अपनी मॉड्यूल कैपेसिटी को **16.3 GW** तक ले जाने की तैयारी में है।
Emmvee Photovoltaic Power ने वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही (H1) में बेहद मजबूत प्रदर्शन किया है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 45% सालाना आधार पर बढ़कर ₹3,131.9 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट में 79% की जबरदस्त उछाल देखी गई और यह ₹762 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी के पास 10.4 GW का मजबूत ऑर्डर बुक है, जिसे सरकार की डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट (DCR) पॉलिसी का बड़ा सहारा मिल रहा है।
उत्पादन क्षमता का विस्तार
कंपनी फिलहाल ₹5,500 करोड़ के बड़े निवेश के अंतिम चरणों में है। इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य मार्च 2027 तक कंपनी की कुल मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को 16.3 GW करना है। इसके साथ ही, कंपनी 8.9 GW की सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता स्थापित करने की राह पर है। यह आक्रामक विस्तार ऐसे समय में हो रहा है जब सरकार की ALMM रेगुलेशन के कारण घरेलू मैन्युफैक्चरर्स की मांग तेजी से बढ़ रही है।
लॉन्ग-टर्म रणनीति और बैकवर्ड इंटीग्रेशन
मौजूदा विस्तार के अलावा, Emmvee ने वित्त वर्ष 2029 और 2030 के लिए इनगट (Ingot) और वेफर (Wafer) मैन्युफैक्चरिंग में भी बड़े निवेश की योजना बनाई है। यह दूसरा चरण भी लगभग ₹5,500 करोड़ का होगा, जिसका उद्देश्य ग्लोबल सप्लाई चेन पर निर्भरता को कम करना है। हालांकि, यह कदम कंपनी को आत्मनिर्भर बनाएगा, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि यह एक पूंजी-प्रधान (Capital-heavy) और जटिल प्रक्रिया है।
फाइनेंशियल हेल्थ और रिस्क
कंपनी की बैलेंस शीट काफी मजबूत नजर आती है। सितंबर तक इनका नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो महज 0.12 है, जो विस्तार के लिए काफी फ्लेक्सिबिलिटी देता है। हालांकि, निवेशकों को बड़े प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इसमें देरी या लागत बढ़ने (Cost overrun) का जोखिम हमेशा बना रहता है। साथ ही, पॉलिसिलिकॉन और वेफर जैसे कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।
