Eleven Power का बड़ा प्लान: हरियाणा में ₹4,700 करोड़ से बनाएंगे नया पावर ग्रिड!

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AuthorMehul Desai|Published at:
Eleven Power का बड़ा प्लान: हरियाणा में ₹4,700 करोड़ से बनाएंगे नया पावर ग्रिड!

सुनील सचदेवा की अगुवाई वाली Eleven Power, गुरुग्राम और नूंह में रिन्यूएबल एनर्जी डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क बनाने के लिए ₹4,700 करोड़ का भारी निवेश करने की तैयारी में है। कंपनी को हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन से लाइसेंस मिलने का इंतजार है। यह कदम राज्य के पावर सेक्टर में प्राइवेट कॉम्पिटिशन लाने की कोशिश है, हालांकि स्थानीय कर्मचारी यूनियनों का विरोध भी झेलना पड़ सकता है।

Eleven group की इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी Eleven Power ने हरियाणा में रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस करते हुए एक नया बिजली वितरण नेटवर्क स्थापित करने के लिए ₹4,700 करोड़ से ज़्यादा के निवेश का प्रस्ताव दिया है। कंपनी का लक्ष्य गुरुग्राम और नूंह में काम शुरू करके क्लीन एनर्जी डिस्ट्रिब्यूशन की ओर बढ़ना है। कंपनी ने यह भी कन्फर्म किया है कि प्रोजेक्ट के पहले फेज के लिए ज़रूरी इक्विटी और डेट का इंतजाम हो चुका है। इस कदम से उस सेक्टर में प्राइवेट सेक्टर की एंट्री होगी, जिस पर अब तक सरकारी कंपनियों का दबदबा रहा है।

लाइसेंस का इंतजार

इस प्रोजेक्ट की सफलता अब हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (HERC) के फैसले पर निर्भर करती है। रेगुलेटर ने कंपनी के पैरेलल डिस्ट्रिब्यूशन लाइसेंस के आवेदन की जांच के लिए एक कमेटी बनाई है। अगर यह लाइसेंस मिल जाता है, तो ग्राहकों को मौजूदा सरकारी यूटिलिटी और नई सर्विस प्रोवाइडर के बीच चुनने का मौका मिलेगा, जिससे सर्विस की क्वालिटी और भरोसे में सुधार की उम्मीद है।

रेगुलेटरी और ऑपरेशनल चुनौतियां

इस नेटवर्क को लॉन्च करने के रास्ते में कई रेगुलेटरी जांचें शामिल हैं। लाइसेंसिंग प्रक्रिया के अलावा, Eleven Power को हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी एंप्लॉइज एंड कंज्यूमर्स स्ट्रगल फोरम से भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। ये ग्रुप्स ऐतिहासिक रूप से राज्य के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर में प्राइवेट प्लेयर्स की एंट्री का विरोध करते आए हैं, और वे सरकारी सेवाओं और कर्मचारियों की स्थिरता पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर चिंता जता रहे हैं।

इसके अलावा, ऐसे प्रोजेक्ट्स की सफलता अक्सर शेयर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी टेक्निकल दिक्कतों और लगातार पावर क्वालिटी बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करती है। एक नए प्लेयर के तौर पर, Eleven Power को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसके डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम मौजूदा ग्रिड के साथ आसानी से इंटीग्रेट हों और मौजूदा ग्राहकों को कोई परेशानी न हो।

सेक्टर का संदर्भ और कॉम्पिटिटिव लैंडस्केप

भारतीय पावर डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर धीरे-धीरे प्राइवेट भागीदारी की ओर बढ़ रहा है। जहां सरकारी बिजली बोर्ड लंबे समय से मुख्य भूमिका निभाते आए हैं, वहीं हाल के दिनों में नेशनल पॉलिसी में शेयर्ड डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क नॉर्म्स पर फोकस बढ़ा है। इन नियमों को नए सप्लायर्स के लिए शुरुआती कैपिटल खर्च को कम करके एंट्री बैरियर्स को कम करने के लिए बनाया गया है।

Eleven Power का नेतृत्व प्रोजेक्ट में बाजार की दिलचस्पी बढ़ाता है, क्योंकि कंपनी के चेयरमैन सुनील सचदेवा हैं, जो जानी-मानी हॉस्पिटल चेन 'मेदांता' के सह-संस्थापक हैं। हालांकि टाटा पावर, अडानी इलेक्ट्रिसिटी, CESC लिमिटेड और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे स्थापित प्राइवेट प्लेयर्स कई भारतीय शहरों में काम कर रहे हैं, हरियाणा में एक नए प्राइवेट प्लेयर का आना राज्य की रेगुलेटरी खुलेपन के लिए एक अहम टेस्ट साबित होगा। निवेशक और स्टेकहोल्डर HERC के अंतिम फैसले, पहले फेज की टाइमलाइन और कंपनी द्वारा लोकल विरोध को मैनेज करते हुए अपने इंफ्रास्ट्रक्चर रोलआउट को कैसे पूरा करती है, इस पर बारीकी से नजर रखेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.