EESL और गैस रेगुलेटर PNGRB ने देशभर में स्मार्ट पाइप नेचुरल गैस (PNG) मीटर लगाने के लिए हाथ मिलाया है। इस साझेदारी का उद्देश्य प्रोक्योरमेंट को सरल बनाना और गैस वितरण कंपनियों की बिलिंग क्षमता को बढ़ाना है।
पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) और एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) ने 28 अगस्त, 2026 को एक अहम करार किया है। इसका मकसद भारत में घरेलू PNG उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटरिंग तकनीक को तेजी से लागू करना है। यह कदम सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) सेक्टर को मैनुअल रीडिंग से हटाकर रियल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग की तरफ ले जाएगा।
CGD सेक्टर पर असर
इंद्रप्रस्थ गैस (Indraprastha Gas), महानगर गैस (Mahanagar Gas), अडानी टोटल गैस (Adani Total Gas) और गुजरात गैस (Gujarat Gas) जैसी कंपनियों के नेटवर्क पर इसका सीधा असर पड़ेगा। हालांकि स्मार्ट मीटरिंग से कलेक्शन में सुधार और ऑपरेशनल कैश फ्लो बेहतर होने की उम्मीद है, लेकिन शुरुआत में कंपनियों को भारी कैपिटल इन्वेस्टमेंट की जरूरत होगी।
फाइनेंशियल चुनौतियां और रिस्क
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि EESL खुद भी वित्तीय दबाव से जूझ रही है। कंपनी ने पहले भी अपनी स्मार्ट मीटरिंग सब्सिडियरी, IntelliSmart में हिस्सेदारी बेचने पर विचार किया है। भारत में स्मार्ट मीटरिंग के पुराने प्रोजेक्ट्स में पेमेंट में देरी और इंस्टॉलेशन में रुकावटें देखने को मिली हैं। ऐसे में इस नए प्रोजेक्ट की सफलता PNGRB की समयसीमा और हार्डवेयर लागत को घटाने के लिए की जाने वाली प्रतिस्पर्धात्मक बिडिंग पर निर्भर करेगी।
