दिल्ली सरकार ने अब PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के लिए आवेदन शुरू कर दिए हैं। इस स्कीम के तहत **2.25 लाख** घरों को **3 kW** तक के सोलर सिस्टम के लिए सब्सिडी मिलेगी, जिससे सोलर कंपनियों के कारोबार में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है।
सोलर एनर्जी का नया दौर
दिल्ली सरकार ने अब आधिकारिक तौर पर PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana का पोर्टल खोल दिया है। इस पहल का मुख्य मकसद राजधानी में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देना है। योजना के तहत 2.25 लाख परिवारों को 3 kW तक के सोलर सिस्टम लगवाने पर सरकारी सब्सिडी दी जाएगी। यह कदम न केवल आम उपभोक्ताओं के बिजली बिल में बड़ी कटौती करेगा, बल्कि दिल्ली को ग्रीन एनर्जी की ओर तेजी से ले जाएगा।
कंपनियों के लिए क्या हैं मौके?
इस योजना के आने से सोलर पैनल बनाने वाली कंपनियों, इनवर्टर सप्लायर्स और EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) प्लेयर्स की डिमांड में तगड़ा उछाल आना तय है। चूंकि सरकार शुरुआती लागत (Upfront cost) का बोझ कम कर रही है, इससे घरों में सोलर पैनल लगवाने की रफ्तार बढ़ेगी और संबंधित कंपनियों के पास ऑर्डर बुक मजबूत होगी।
ग्रिड और डिसकॉम पर असर
रेजिडेंशियल सोलर के बढ़ने से बिजली वितरण कंपनियों (Discoms) पर भी असर पड़ेगा। पीक ऑवर्स के दौरान घरों में ही बिजली पैदा होने से ग्रिड पर दबाव कम होगा। हालांकि, इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि नेट मीटरिंग का बुनियादी ढांचा कितना बेहतर काम करता है।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
जो निवेशक इस सेक्टर पर नजर गड़ाए हुए हैं, उन्हें दो चीजों पर खास ध्यान देना होगा: पहला, प्रोजेक्ट के काम की रफ्तार (Execution speed) और दूसरा, क्वालिटी कंट्रोल। सरकारी योजनाओं में अक्सर सब्सिडी मिलने में देरी या क्वालिटी से जुड़ी शिकायतें सामने आती हैं। जो कंपनियां इन 2.25 लाख इंस्टॉलेशंस को तय समय में पूरा करेंगी, वही इस पूरी वैल्यू चेन का सबसे ज्यादा फायदा उठा पाएंगी।
