Delhi Power Prices: बिजली के बिलों का बड़ा झटका! APTEL का आदेश, ₹38,500 Cr का भुगतान तुरंत

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AuthorNeha Patil|Published at:
Delhi Power Prices: बिजली के बिलों का बड़ा झटका! APTEL का आदेश, ₹38,500 Cr का भुगतान तुरंत
Overview

दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बुरी खबर है। अपीलीय बिजली न्यायाधिकरण (APTEL) ने दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) को आदेश दिया है कि वह तीन हफ्तों के भीतर बिजली कंपनियों के **₹38,500 करोड़** से ज़्यादा के बकाया का भुगतान शुरू करे। APTEL ने CAG ऑडिट की मांग को भी खारिज कर दिया है, जिससे उपभोक्ताओं पर बड़ा आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका है।

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APTEL का कड़ा रुख, तुरंत भुगतान का आदेश

अपीलीय बिजली न्यायाधिकरण (APTEL) ने दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) को एक कड़ा निर्देश जारी किया है। APTEL ने DERC से कहा है कि वह तीन हफ्तों के भीतर बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम्स) के ₹38,500 करोड़ से ज़्यादा के बकाया का भुगतान शुरू करे। न्यायाधिकरण ने DERC की जुलाई 2026 तक की मोहलत की मांग को 'अनुचित और अस्वीकार्य' बताते हुए खारिज कर दिया। APTEL ने यह भी साफ किया कि आगे की देरी से उपभोक्ताओं पर अनुचित बोझ पड़ेगा।

CAG ऑडिट की मांग ठुकराई, स्वतंत्र जांच का निर्देश

DERC ने डिस्कॉम्स के कम्प्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (CAG) से ऑडिट कराने की मांग की थी, जिसे APTEL ने ठुकरा दिया। APTEL ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 'सख्त और गहन ऑडिट' का आदेश दिया था, लेकिन यह नहीं कहा था कि यह ऑडिट केवल CAG द्वारा ही किया जाएगा। न्यायाधिकरण ने यह भी बताया कि डिस्कॉम्स को ऑडिट निर्णय से पहले अपना पक्ष रखने का मौका नहीं मिला था। इसके बजाय, APTEL ने DERC को एक हफ्ते के भीतर एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट नियुक्त करने और तीन महीने में ऑडिट पूरा करने का निर्देश दिया है, ताकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन हो सके।

'रेगुलेटरी एसेट्स' और उपभोक्ता लागत का गणित

ये बकाया मुख्य रूप से 'रेगुलेटरी एसेट्स' (RAs) हैं। RAs उन अतिरिक्त खर्चों से संबंधित हैं जो डिस्कॉम्स को ईंधन या अन्य परिचालन बदलावों के कारण हुए थे और जिन्हें फिलहाल मौजूदा बिजली दरों से वसूल नहीं किया गया है। ये लागतें समय के साथ जमा होती जाती हैं और अंततः उपभोक्ताओं पर मासिक बिजली बिलों में सरचार्ज (surcharges) के रूप में डाल दी जाती हैं। DERC ने पहले APTEL को बताया था कि जनवरी तक दिल्ली में कुल रेगुलेटरी एसेट्स ₹38,552 करोड़ तक पहुंच गए थे।

किन डिस्कॉम्स को कितना मिलेगा?

बकाया राशि में BSES राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) के लिए ₹19,174 करोड़, BSES यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) के लिए ₹12,333 करोड़, और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPDDL) के लिए ₹7,046 करोड़ की वसूली को मंजूरी दी गई है। ये आंकड़े डिस्कॉम्स द्वारा बिजली सप्लाई के लिए किए गए ज़रूरी खर्चों को कवर करते हैं। न्यायाधिकरण का यह आदेश इन लंबे समय से चले आ रहे कर्जों के प्रबंधन में एक नए चरण की शुरुआत करता है, जिसका असर डिस्कॉम्स की वित्तीय स्थिति और दिल्ली के निवासियों के बिजली बिलों पर पड़ेगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.