Delhi Biogas Plant: कचरे से अब बनेगी एनर्जी, MCD ने शुरू किया **₹16 करोड़** का प्लांट, IGL को मिलेगी गैस

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Delhi Biogas Plant: कचरे से अब बनेगी एनर्जी, MCD ने शुरू किया **₹16 करोड़** का प्लांट, IGL को मिलेगी गैस

Municipal Corporation of Delhi (MCD) ने दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में एक नया बायोगैस प्लांट शुरू किया है। **₹16 करोड़** की लागत से बना यह प्लांट हर दिन **200 टन** गोबर से कम्प्रेस्ड बायोगैस तैयार करेगा, जिसकी सप्लाई Indraprastha Gas Limited (IGL) को की जाएगी।

कचरे से कमाई का नया मॉडल

Main Goyla Dairy Road पर स्थित यह अत्याधुनिक प्लांट यमुना नदी में बहने वाले डेयरी वेस्ट की समस्या का समाधान करेगा। ₹16 करोड़ के इस प्रोजेक्ट से प्रतिदिन 14,000 क्यूबिक मीटर रॉ बायोगैस निकलेगी, जिसे प्रोसेस करके 5.6 टन कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) बनाई जाएगी। यह सीधे पाइपलाइन के जरिए Indraprastha Gas Limited (IGL) तक पहुंचेगी।

किसानों के लिए वरदान

यह प्रोजेक्ट एक सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल पर काम कर रहा है। प्लांट ऑपरेटर्स स्थानीय पशुपालकों से 67 पैसे प्रति किलो के भाव पर गोबर खरीदेंगे, जिससे डेयरी चलाने वालों को एक अतिरिक्त इनकम मिलेगी। इसके अलावा, प्रोसेसिंग के बाद बचा हुआ स्लरी (Slurry) जैविक खाद के रूप में खेती में इस्तेमाल होगा।

सरकार की 'Waste to Wealth' रणनीति

यह 'Waste to Wealth' पहल का हिस्सा है। पिछले 18 महीनों में दिल्ली में ऐसे 3 प्लांट चालू हो चुके हैं। Nangli Sakrawati प्लांट के आंकड़ों के मुताबिक, उसने पहले साल में 55,000 टन वेस्ट प्रोसेस किया और किसानों को ₹3.5 करोड़ का भुगतान किया। सरकार ने डेयरी क्लस्टर्स में ड्रेनेज सुधार के लिए ₹50 करोड़ का फंड भी जारी किया है।

जानकारों का मानना है कि भले ही ये प्लांट IGL की कुल डिमांड के मुकाबले छोटे हों, लेकिन ये भारत की आत्मनिर्भरता और घरेलू गैस सप्लाई को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आने वाले समय में ऐसे 6 और यूनिट्स लगाने की योजना है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.