अगस्त 2026 में हुई एक घातक दुर्घटना के बाद दिल्ली सरकार ने सीएनजी वाहनों के लिए हाइड्रो-टेस्ट सर्टिफिकेट अनिवार्य कर दिया है। अब Indraprastha Gas Limited (IGL) ने अपने पंपों पर इसकी सख़्ती से जांच शुरू कर दी है।
क्या है नया नियम?
अगस्त 19, 2026 को दिल्ली में सीएनजी सिलेंडर में हुए धमाके के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। 'गैस सिलेंडर रूल्स' के नियम 35(1) के तहत अब हर तीन साल में सिलेंडर का हाई-प्रेशर टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि 200 से 250 बार के दबाव पर चलने वाले सिलेंडरों की मजबूती जांची जा सके।
IGL की तैयारी
Indraprastha Gas Limited ने अपनी सभी रिफ्यूलिंग साइट्स पर तुरंत वेरिफिकेशन ड्राइव लॉन्च कर दी है। जो वाहन मालिक अपना सर्टिफिकेट नहीं दिखा पा रहे हैं, उन्हें फ्यूल देने से मना किया जा रहा है। इसका मकसद वाहनों के सिलेंडरों में होने वाली टूट-फूट और थर्मल साइकलिंग के खतरों को कम करना है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
11 सितंबर, 2026 तक IGL का शेयर लगभग ₹151.58 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। निवेशकों के लिए चिंता की बात यह है कि क्या इस सख़्ती से पंपों पर लंबी लाइनें लगेंगी या फ्यूल की खपत में कोई कमी आएगी? हालांकि कंपनी की बैलेंस शीट काफी मजबूत है और कर्ज भी कम है, लेकिन शॉर्ट टर्म में ऑपरेशनल चुनौतियां देखने को मिल सकती हैं। लंबी अवधि में यह कदम कंपनी की साख और भविष्य की बड़ी दुर्घटनाओं को रोकने के लिहाज से एक जरूरी रेगुलेटरी सुधार माना जा रहा है।
