ONGC से मिला ₹59 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट, ऑर्डर बुक मजबूत
Deep Industries के शेयर में 8% से अधिक की उछाल देखी गई जब कंपनी को ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) से एक लेटर ऑफ अवार्ड (LOA) मिला। यह तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट ₹59 करोड़ का है, जिसमें ONGC की राजमुंदरी एसेट के लिए गैस कम्प्रेशन और डिहाइड्रेशन सर्विसेज शामिल हैं। इस नए कॉन्ट्रैक्ट से कंपनी की ऑर्डर बुक ₹3,050 करोड़ (30 जून, 2025 तक) तक पहुंच गई है, जो भविष्य के लिए कंपनी की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
ग्रीन हाइड्रोजन में भी कदम रख रही है कंपनी
पारंपरिक तेल और गैस सेवाओं के अलावा, Deep Industries ग्रीन हाइड्रोजन सेक्टर में भी सक्रिय रूप से प्रवेश कर रही है। कंपनी ने हाल ही में Advait Greenergy (AGPL) के साथ एक एमओयू (MOU) साइन किया है, ताकि मिलकर ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स पर काम किया जा सके। यह कदम कंपनी के नवीकरणीय ऊर्जा बाजार में विस्तार की मंशा को दिखाता है।
वित्तीय स्थिरता और मिले-जुले तिमाही नतीजे
Deep Industries ने अपनी वित्तीय सेहत को मजबूत बनाए रखा है, जिसका डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (Debt-to-Equity Ratio) लगभग 0.10 (H1 FY26 के अनुसार) है। हाल की तिमाही नतीजों की बात करें तो, Q4 FY25 में रेवेन्यू बढ़ा लेकिन नेट प्रॉफिट (Net Profit) साल-दर-साल कम हुआ। हालांकि, Q3 FY26 में कंपनी ने ₹221.5 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹71.3 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया, जो 30.8% के मजबूत प्रॉफिट मार्जिन को दर्शाता है। कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक आने वाले वर्षों के लिए अच्छी रेवेन्यू विजिबिलिटी प्रदान करती है।
भविष्य की चुनौतियाँ और उम्मीदें
कंपनी के लिए ग्रीन हाइड्रोजन ऑपरेशंस को सफलतापूर्वक बढ़ाना एक बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि यह क्षेत्र पूंजी-गहन और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी है। इसके अलावा, ONGC के साथ एक निलंबित रिग कॉन्ट्रैक्ट को लेकर विवाद भी राजस्व को प्रभावित कर सकता है, हालांकि कंपनी इस पर आपत्ति जता रही है। निवेशक इस बात पर नज़र रखेंगे कि Deep Industries कैसे पारंपरिक ऊर्जा से तत्काल नकदी प्रवाह और ग्रीन एनर्जी में उच्च जोखिम, उच्च पुरस्कार के बीच संतुलन बनाती है।