कच्चा तेल $126 पार! भारतीय ऑयल स्टॉक्स में भारी गिरावट, Reliance, Adani Gas फिसले

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
कच्चा तेल $126 पार! भारतीय ऑयल स्टॉक्स में भारी गिरावट, Reliance, Adani Gas फिसले
Overview

West Asia में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण ग्लोबल कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में गुरुवार को भारी उछाल देखा गया और यह **$126** प्रति बैरल के पार पहुंच गया। इस वजह से भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर दबाव आ गया और Nifty Oil & Gas इंडेक्स **1.65%** लुढ़क गया। Adani Total Gas और Reliance Industries जैसे प्रमुख शेयर भी गिरते दिखे।

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भू-राजनीतिक तनाव ने बढ़ाई कच्चे तेल की कीमतें

West Asia में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव की वजह से कच्चे तेल (Crude Oil) के फ्यूचर्स (Futures) $126 प्रति बैरल के ऊपर निकल गए हैं। सूत्रों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष को सुलझाने की कोशिशें पटरी से उतर गई हैं, जिससे प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्रों से सप्लाई में लंबे समय तक रुकावट की आशंका बढ़ गई है। इससे भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर दबाव बन रहा है और बाजार की सेंटिमेंट (sentiment) भी कमजोर पड़ रही है।

भारतीय ऑयल सेक्टर पर दबाव

गुरुवार को Nifty Oil & Gas इंडेक्स पर इसका असर साफ दिखा, जो सुबह कारोबार के दौरान 1.65% गिरकर 11,592 पर पहुंच गया। Adani Total Gas के शेयर 4% से अधिक गिरे, वहीं Reliance Industries में 1.94% की गिरावट आई। दूसरी प्रमुख OMCs जैसे Mahanagar Gas, GAIL, Hindustan Petroleum (HPCL) और Bharat Petroleum (BPCL) के शेयरों में भी 2% से ज्यादा की गिरावट देखी गई, साथ ही Aegis Logistics भी फिसला।

सप्लाई संबंधी चिंताएं हावी

मार्केट एनालिस्ट्स (Market Analysts) कच्चे तेल की कीमतों में इस उछाल का श्रेय सप्लाई में रुकावट की आशंकाओं को दे रहे हैं, जिसने 'रिस्क प्रीमियम' (risk premium) को बढ़ा दिया है। वैश्विक सप्लाई की चिंताएं तब और गहरा गईं जब स्ट्रेट ऑफ Hormuz, जो ऊर्जा के लिए एक महत्वपूर्ण शिपिंग मार्ग है, के ब्लॉक होने की खबरें आईं। रिपोर्ट्स बताती हैं कि तेहरान ने शिपिंग को प्रतिबंधित कर दिया है, और अमेरिका ने ईरानी जहाजों को रोकना शुरू कर दिया है, जिससे यह टकराव और बढ़ गया है।

OPEC+ का उत्पादन और बाजार की अनिश्चितता

यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब OPEC+ देशों से लगभग 188,000 बैरल प्रतिदिन की मामूली उत्पादन वृद्धि को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इस छोटे से समायोजन का असर मौजूदा सप्लाई की तंगी और UAE के हाल ही में OPEC+ से बाहर निकलने के कारण बाजार में पैदा हुई अनिश्चितता को शायद ही कम कर पाएगा।

एनालिस्ट्स की राय और स्टॉक पिक्स

इन निकट-अवधि की चुनौतियों के बावजूद, कुछ एनालिस्ट्स चुनिंदा रूप से आशावादी बने हुए हैं। Globe Capital के इक्विटी कमोडिटी हेड गौरव शर्मा ने बताया कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारतीय उद्योग और OMCs के लिए कुल मिलाकर अच्छी नहीं हैं। उन्हें रिफाइनिंग सेक्टर में सीमित अवसर दिख रहे हैं। शर्मा रिफाइनिंग में Oil India Limited और Chennai Petroleum Corporation (CPCL) को पसंद करते हैं, दोनों पर उनका बुलिश (bullish) नजरिया है। Reliance Industries के लिए, उन्होंने धैर्य रखने की सलाह दी है, और एंट्री $1,435–$1,440 के करीब होने पर ही करने को कहा है, जिसके टारगेट $1,480 और $1,520 हैं। तब तक, वह Oil India और CPCL को प्राथमिकता देते हैं।

बाजार की दिशा स्थिरता पर निर्भर

Enrich Money के CEO पोनमुडी आर. (Ponmudi R.) का कहना है कि बाजार की निकट-अवधि की दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों की स्थिरता और स्ट्रेट ऑफ Hormuz के आसपास के घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और तेल कंपनियों के बीच ईरान के बंदरगाहों की संभावित लंबी नाकाबंदी के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से हुई चर्चाओं ने भी सप्लाई में रुकावट की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। बाजार डी-एस्केलेशन (de-escalation) या सप्लाई रूट्स के और टाइट होने के संकेतों पर नजर रखेगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.