Copper Producers: सोलर पार्ट्स पर ड्यूटी बढ़ाने की मांग, Copper स्टॉक्स पर पड़ेगा सीधा असर

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AuthorAditya Rao|Published at:
Copper Producers: सोलर पार्ट्स पर ड्यूटी बढ़ाने की मांग, Copper स्टॉक्स पर पड़ेगा सीधा असर

Indian Primary Copper Producers Association ने सरकार से सोलर PV रिबन और बसबार पर कस्टम ड्यूटी को बढ़ाकर **10%** करने की मांग की है। साथ ही, भारी इंपोर्ट से राहत और वर्किंग कैपिटल दबाव कम करने के लिए GST को **5%** करने का प्रस्ताव रखा गया है।

घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बचाने की कवायद

Hindalco, Vedanta और Adani की Kutch Copper जैसी दिग्गज कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली इंडियन प्राइमरी कॉपर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन का कहना है कि चीन से आने वाले सस्ते इंपोर्ट के कारण घरेलू प्लांट पूरी क्षमता के साथ काम नहीं कर पा रहे हैं। भारत की मौजूदा उत्पादन क्षमता करीब 30,000 टन है, जबकि देश की मांग 25,000 से 28,000 टन के बीच है। कंपनियां चाहती हैं कि ड्यूटी बढ़ने से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट मिले।

कैश फ्लो की समस्या और GST का बोझ

कॉपर कंपनियों ने सरकार को अपनी लिक्विडिटी की समस्या से भी अवगत कराया है। लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर कॉपर की कीमतें $14,700 प्रति टन के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गई हैं। कच्चे माल की महंगी कीमतों और 18% GST के कारण कंपनियों का भारी कैश ब्लॉक हो रहा है। अगर GST को घटाकर 5% किया जाता है, तो इससे कंपनियों का वर्किंग कैपिटल का तनाव काफी हद तक कम हो जाएगा।

सोलर सेक्टर के लिए जोखिम

हालांकि ये मांगें कॉपर उत्पादकों के लिए फायदेमंद हो सकती हैं, लेकिन इसका एक दूसरा पहलू भी है। अगर सोलर कंपोनेंट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी 10% तक बढ़ती है, तो सोलर मॉड्यूल बनाने की लागत बढ़ सकती है। इससे भारत के ग्रीन एनर्जी लक्ष्य और प्रोजेक्ट्स की affordability पर असर पड़ने का खतरा है। इन्वेस्टर्स के लिए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार घरेलू उत्पादकों को बचाने के लिए इंपोर्ट बैरियर बढ़ाती है या सोलर प्रोजेक्ट्स को सस्ता रखने पर जोर देती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.