Coal Stocks: बिजली घरों में कोयले का बंपर स्टॉक, रेल लॉजिस्टिक्स में सुधार से मिली राहत

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Coal Stocks: बिजली घरों में कोयले का बंपर स्टॉक, रेल लॉजिस्टिक्स में सुधार से मिली राहत

अक्टूबर 2026 में थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले का स्टॉक **18 मिलियन टन** के स्तर को पार कर गया है। इसकी मुख्य वजह रेल रेक लोडिंग में हुई **10%** की भारी बढ़ोतरी है, जिससे सप्लाई चेन में आ रही रुकावटें कम हुई हैं।

देश के थर्मल पावर प्लांट्स के लिए अच्छी खबर है। अक्टूबर 2026 के पहले पखवाड़े में कोयले का स्टॉक 18 मिलियन टन के दायरे को पार करने में कामयाब रहा है। यह सितंबर के आंकड़ों के मुकाबले एक बड़ा सुधार है, जब कोयले के भंडार में करीब 7.28 मिलियन टन की भारी गिरावट दर्ज की गई थी। 10 अक्टूबर तक के आंकड़ों के अनुसार, कोयले का कुल भंडार 18.205 मिलियन टन तक पहुंच गया है और खपत की दर भी घटकर 0.06 मिलियन टन प्रतिदिन रह गई है, जो पिछले महीने के 0.24 मिलियन टन के मुकाबले काफी बेहतर है।

लॉजिस्टिक्स में कैसे आया सुधार?

स्टॉक के स्तर में सुधार के पीछे कोयला मंत्रालय, रेल मंत्रालय और Coal India Limited तथा Singareni Collieries Company Limited के बीच बेहतर तालमेल है। 1 से 10 अक्टूबर के बीच पावर सेक्टर के लिए रोजाना औसतन 469 रेक की लोडिंग हुई है। यह सितंबर के 426 रेक के मुकाबले 10% ज्यादा है।

इस लॉजिस्टिक्स तेजी के कारण पावर प्लांट्स को रोजाना 2.49 मिलियन टन कोयले की डिलीवरी मिल रही है। यह आंकड़ा सरकार द्वारा निर्धारित 2.37 मिलियन टन के टारगेट से लगातार नौ दिन ज्यादा रहा है। निवेशकों के लिए यह एक संकेत है कि पावर सेक्टर में शॉर्ट-टर्म सप्लाई का जोखिम फिलहाल कम हो गया है।

भविष्य के जोखिम और निगरानी

भले ही अभी स्टॉक का स्तर सुरक्षित दिख रहा हो, लेकिन सरकार उन पावर स्टेशंस पर कड़ी नजर रख रही है जहां फ्यूल का लेवल कम है। मंत्रालय 'री-डिस्ट्रीब्यूशन' रणनीति का इस्तेमाल कर रहा है ताकि डिमांड सीजन के दौरान किसी भी प्लांट में कोयले की कमी न हो। निवेशकों को अब यह देखना होगा कि क्या यह लॉजिस्टिक्स मोमेंटम बरकरार रहता है या नहीं, क्योंकि सर्दियों में बिजली की मांग बढ़ने पर सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.