Coal India की सब्सिडियरी SECL का IPO लाने की तैयारी, माइन्स को सोलर पार्क में बदलने का प्लान

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Coal India की सब्सिडियरी SECL का IPO लाने की तैयारी, माइन्स को सोलर पार्क में बदलने का प्लान

कोयला मंत्रालय ने 147 बंद खदानों को सोलर और फिश फार्म में बदलने के लिए SUVIKALP टूल लॉन्च किया है। वहीं, Coal India की सब्सिडियरी SECL ने IPO के लिए फाइलिंग की है, जिससे कंपनी के डायवर्सिफिकेशन पर निवेशकों की नजर है।

भारत सरकार का कोयला मंत्रालय अब बंद हो चुकी माइनिंग साइट्स को कमाई का जरिया बनाने की दिशा में काम कर रहा है। नए डिजिटल प्लेटफॉर्म SUVIKALP के जरिए देशभर की 147 बंद पड़ी खदानों को सोलर पावर जनरेशन, इको-पार्क्स और फिश फार्मिंग जैसे प्रोजेक्ट्स में बदला जाएगा।

SECL का रिन्यूएबल एनर्जी पर जोर

Coal India की सब्सिडियरी South Eastern Coalfields (SECL) इस बदलाव की कमान संभाल रही है। कंपनी अब तक 28 बंद खदानों को वैज्ञानिक तरीके से बंद कर चुकी है और भटगांव व बिश्रामपुर जैसे इलाकों में सोलर कैपेसिटी बढ़ा रही है।

IPO का गणित

बाजार में चर्चा इस बात की है कि 1 नवंबर, 2026 को SECL ने IPO के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल किया है। यह एक ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जिसमें 66.81 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे। ध्यान रहे कि इस सेल से मिलने वाली रकम SECL के बजाय पैरेंट कंपनी Coal India के खाते में जाएगी।

मुनाफे पर दबाव

निवेशक अभी भी Coal India के हालिया नतीजों पर नजर गड़ाए हुए हैं। कंपनी ने भले ही सप्लाई का रिकॉर्ड बनाया हो, लेकिन बढ़ते कर्मचारी खर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश के कारण नेट प्रॉफिट उम्मीदों से कम रहा है। हालांकि, कंपनी ने ₹10.25 प्रति शेयर का दूसरा अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है, जिसके लिए 4 नवंबर, 2026 की रिकॉर्ड डेट तय की गई है।

आगे की राह

आने वाले समय में निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि कंपनी कितनी कुशलता से लागत को नियंत्रित करती है और इन नए प्रोजेक्ट्स को बिना ओवररनिंग के पूरा करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.