Finances में बड़ी छलांग:
Coal India Limited (CIL) ने रिन्यूएबल एनर्जी, खास तौर पर सोलर पावर में अपने Capital Expenditure (CapEx) में ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर (FY'26) के जनवरी तक, कंपनी ने सोलर प्रोजेक्ट्स में ₹961 करोड़ का निवेश कर दिया है। यह अपने प्रोग्रेसिव टारगेट ₹729 करोड़ का 132% हासिल करने के साथ-साथ, पूरे फाइनेंशियल ईयर के ₹957 करोड़ के लक्ष्य को भी पार कर गया है।
यह निवेश पिछले साल की समान अवधि में हुए ₹412 करोड़ के मुकाबले 2.33 गुना ज्यादा है। यह CIL के पारंपरिक कोयला खनन से हटकर रिन्यूएबल एनर्जी की ओर तेजी से बढ़ते झुकाव को दर्शाता है।
एक और अच्छी बात यह है कि सोलर पावर प्लांट लगाने की लागत भी कम हुई है। अब 1 Megawatt (MW) की क्षमता वाले सोलर प्लांट के लिए लगभग ₹4-4.5 करोड़ का खर्च आ रहा है, जो पहले ₹5.5-6 करोड़ प्रति MW था। इस लागत में कमी से बड़े पैमाने पर सोलर प्रोजेक्ट्स को लागू करना कंपनी के लिए और भी आकर्षक हो गया है।
Net-Zero लक्ष्य और भविष्य की रणनीति:
CIL की यह सोलर पावर में भारी-भरकम इन्वेस्टमेंट उसकी Net-Zero बनने की महत्वाकांक्षी योजना का एक अहम हिस्सा है। कंपनी का लक्ष्य FY 2028 तक 3,000 MW की रिन्यूएबल सोलर क्षमता स्थापित करना है। जैसे-जैसे वैश्विक ऊर्जा बाजार साफ ऊर्जा की ओर बढ़ रहा है, CIL के लिए यह विविधीकरण (diversification) बेहद महत्वपूर्ण है।
इस लक्ष्य को पाने के लिए, CIL गुजरात में दो बड़े सोलर प्लांट लगा रही है: 100 MW का प्लांट पाटन में और 300 MW का प्लांट खावड़ा में। इसके अलावा, कंपनी 2,000 MW और रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल करने के लिए सक्रिय रूप से अवसरों की तलाश कर रही है।
हालांकि, इतनी बड़ी परियोजनाओं को समय पर और बजट के भीतर पूरा करना एक बड़ी चुनौती होगी। साथ ही, रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में नीतियों में बदलाव या उपकरणों की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी कंपनी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।
Peer Comparison:
Coal India का रिन्यूएबल एनर्जी में उतरना, NTPC और NLC India जैसे अन्य सरकारी ऊर्जा दिग्गजों की दिशा के अनुरूप है, जो अपने रिन्यूएबल पोर्टफोलियो का तेजी से विस्तार कर रहे हैं। CIL की प्रति MW लागत (₹4-4.5 करोड़) इंडस्ट्री के मौजूदा बेंचमार्क के मुकाबले काफी प्रतिस्पर्धी (competitive) है।