Coal India: बिजली संकट के बीच सप्लाई में भारी उछाल, क्या मार्जिन पर पड़ेगा असर?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Coal India: बिजली संकट के बीच सप्लाई में भारी उछाल, क्या मार्जिन पर पड़ेगा असर?

देशभर के पावर प्लांट्स में कोयले की किल्लत को देखते हुए Coal India ने अपनी दैनिक सप्लाई बढ़ाकर **1.78 मिलियन टन** कर दी है, जो सितंबर में **1.63 मिलियन टन** थी। कंपनी अपनी जमा पूंजी (Pithead stocks) का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन बढ़ते खर्च निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।

देश में बिजली की मांग को पूरा करने के लिए Coal India ने कमर कस ली है। कंपनी ने अक्टूबर की शुरुआत में पावर सेक्टर को 1.78 मिलियन टन कोयले की औसत दैनिक सप्लाई की है, जो सितंबर के 1.63 मिलियन टन के मुकाबले काफी ज्यादा है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब देश के करीब 50% थर्मल पावर स्टेशन कोयले की भारी कमी से जूझ रहे हैं।

स्टॉक से सप्लाई का गणित

कंपनी अपनी मौजूदा उत्पादन क्षमता से ज्यादा कोयला सप्लाई करने के लिए अपने पुराने स्टॉक का सहारा ले रही है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली छमाही में कंपनी ने अपने भंडार से 63 मिलियन टन कोयला निकाला है। इस दौरान कुल ऑफटेक (Offtake) 384.2 मिलियन टन रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के 357 मिलियन टन के मुकाबले 7.6% अधिक है।

क्या मुनाफा घट रहा है?

सप्लाई बढ़ने के बावजूद निवेशकों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। 5 अक्टूबर 2026 को कंपनी का शेयर करीब ₹429 पर ट्रेड कर रहा था। Q1 FY27 के नतीजों में नेट प्रॉफिट फ्लैट रहा था, क्योंकि ऑपरेशनल और एक्सट्रैक्शन खर्च बढ़ने से कंपनी के मार्जिन पर दबाव देखा गया है।

कंपनी के कुल कारोबार का 79% हिस्सा पावर सेक्टर से आता है, इसलिए भविष्य में कंपनी अपनी बढ़ती लागतों को कैसे मैनेज करती है, यह देखना अहम होगा। बाजार की नजर अब इस बात पर है कि क्या Coal India इन उच्च सप्लाई स्तरों को बनाए रखते हुए अपने मार्जिन को सुरक्षित रख पाएगी या खर्च का दबाव मुनाफे को और कम करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.