ग्लोबल फैक्टर का असर
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा की कीमतों में आई तेज उछाल का सीधा असर Coal India के शेयरों पर दिखा। इस माहौल में, जिओजित इन्वेस्टमेंट्स ने कंपनी के स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग दी और ₹506 का टारगेट प्राइस तय किया, जिसने शेयर में तेजी को और हवा दी।
ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि शुरुआती गर्मियों और बिजली की बढ़ी हुई खपत के कारण कोयले की मांग मजबूत बनी रहेगी। वहीं, अंतरराष्ट्रीय कोयला कीमतों में वृद्धि के चलते इंडस्ट्रीज घरेलू स्रोतों की ओर रुख करेंगी, जिससे Coal India की बिक्री और मूल्य निर्धारण क्षमता को फायदा होगा। अन्य ब्रोकरेज हाउसेस भी आशावादी दिख रहे हैं। एक्सिस डायरेक्ट (Axis Direct) ने ₹500 के टारगेट के साथ 'Buy' रेटिंग दी, जबकि एक्सिस कैपिटल (Axis Capital) ने ₹480 के टारगेट के साथ 'Add' रेटिंग दी। मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal) ने भी फरवरी में 'Buy' रेटिंग और ₹500 का टारगेट बरकरार रखा, साथ ही FY26 के लिए प्रॉफिट अनुमान भी बढ़ाए।
सब्सिडियरी CMPDIL की कमजोर शुरुआत
जहां एक ओर पैरेंट कंपनी Coal India के शेयर में तेजी दिखी, वहीं उसकी सब्सिडियरी, सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (CMPDIL) ने शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत की। CMPDIL के शेयर 30 मार्च, 2026 को 7% से अधिक की छूट पर लिस्ट हुए, जो बाजार की अपेक्षाओं से कम था।
नतीजों पर एक नजर
बाजार की सकारात्मक चाल के बावजूद, Coal India के Q3FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 15.8% घटकर ₹7,157.45 करोड़ रहा, जबकि सेल्स भी घटकर ₹30,818.17 करोड़ दर्ज की गई।
वैल्यूएशन और एनालिस्ट्स की राय
Coal India का P/E रेशियो लगभग 9.19 से 10.19 के बीच है, जो इंडस्ट्री औसत 9.92 से थोड़ा कम है। इसकी मार्केट कैप ₹2.77 ट्रिलियन के आसपास है। वहीं, इसके विपरीत, सब्सिडियरी CMPDIL का P/E रेशियो 21.5x-21.65x था।
एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है। जहां जिओजित, एक्सिस डायरेक्ट, एक्सिस कैपिटल और मोतीलाल ओसवाल जैसे ब्रोकरेज 'Buy' या 'Add' रेटिंग के साथ 7-15% के अपसाइड की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं कुछ विश्लेषक चिंताएं भी जता रहे हैं। जेएम फाइनेंशियल (JM Financial) ने ₹400 के टारगेट के साथ 'Reduce' रेटिंग दी है। नुवामा (Nuvama) ने 25 मार्च, 2026 को ₹384 के टारगेट प्राइस के साथ स्टॉक को 'Reduce' पर डाउनग्रेड किया है। नुवामा घरेलू कोयले की अतिरिक्त सप्लाई, कमजोर मांग और बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर चिंतित है, और FY26-FY28 के लिए केवल 4% EBITDA CAGR का अनुमान लगा रहा है।
भविष्य की रणनीति
इन मिश्रित संकेतों के बीच, Coal India नवीकरणीय ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और डाउनस्ट्रीम एकीकरण में निवेश करके अपने व्यवसाय में विविधता लाने की कोशिश कर रही है।