सरकारी खनन दिग्गज Coal India Limited ने चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में अपने कैपिटल खर्च (Capex) में 16.64% का इजाफा दर्ज किया है। कंपनी ने कुल **₹3,399 करोड़** खर्च किए हैं, जो पिछले साल की समान अवधि के **₹2,914 करोड़** से काफी ज़्यादा है।
Detailed Coverage
ज़मीन अधिग्रहण और कोल इवैक्यूएशन पर बड़ा दांव
Coal India ने अपने कैपिटल बजट का एक बड़ा हिस्सा परिचालन ज़रूरतों पर खर्च किया है। कंपनी ने ज़मीन अधिग्रहण (Land Acquisition) और पुनर्वास (Rehabilitation) पर करीब ₹804 करोड़ खर्च किए, जो इस तिमाही का सबसे बड़ा खर्च रहा। इसके अलावा, कोयले को खदानों से बिजली संयंत्रों और अन्य औद्योगिक ग्राहकों तक पहुंचाने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर (Coal Evacuation Infrastructure) पर ₹949 करोड़ का निवेश किया गया। इसमें रेलवे साइडिंग और कॉरिडोर के विकास पर ₹754 करोड़ और कोल हैंडलिंग प्लांट, साइलो व वेब्रिज बनाने पर ₹195 करोड़ शामिल हैं।
प्लांट, मशीनरी और सोलर एनर्जी में भी निवेश
बुनियादी ढांचे के अलावा, Coal India ने प्लांट और मशीनरी पर ₹819 करोड़ खर्च किए हैं। इसमें भारी अर्थ-मूविंग उपकरण (Heavy Earth-moving Equipment) की खरीद और कोयला वॉशरियों का विकास शामिल है। कंपनी अपनी आय का बड़ा हिस्सा कोयले से हटकर अन्य क्षेत्रों में भी लगा रही है। इसी कड़ी में, कंपनी ने सोलर पावर प्रोजेक्ट्स (Solar Power Projects) में ₹278 करोड़ का निवेश किया है, जो इसकी रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) में विस्तार की रणनीति को दिखाता है। इसके अतिरिक्त, ₹207 करोड़ संयुक्त उद्यमों (Joint Ventures) में लगाए गए हैं।
निवेशकों की नज़र
निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह कैपिटल खर्च आखिर में उत्पादन और परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) को कितना बढ़ाता है। हालांकि, ज़मीन अधिग्रहण और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश से कंपनी की ग्रोथ को बल मिलेगा, लेकिन इसमें प्रोजेक्ट में देरी या लागत बढ़ने का जोखिम भी बना रहता है।
