Coal India ने सितंबर 2026 में कोयला उत्पादन में **9.2%** की शानदार रिकवरी दर्ज की है, जिससे उत्पादन **53.5 मिलियन टन** पहुंच गया है। मानसून की बाधाओं से उबरने के बाद कंपनी अब अपने **815 मिलियन टन** के वार्षिक लक्ष्य को हासिल करने के लिए जोर लगा रही है।
मानसून की भारी बारिश के कारण साल के शुरुआती महीनों में आई सुस्ती के बाद, Coal India ने सितंबर में मजबूत वापसी की है। पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले उत्पादन 9.2% बढ़कर 53.5 मिलियन टन रहा है। हालांकि, फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में कंपनी का कुल उत्पादन 321 मिलियन टन रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 2.5% कम है।
लक्ष्य की राह में चुनौतियां
कंपनी ने इस साल 815 मिलियन टन का प्रोडक्शन टारगेट रखा है, जिसमें से अभी तक सिर्फ 39% ही पूरा हो पाया है। अब बचे हुए महीनों में लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कंपनी को 494 मिलियन टन कोयले का उत्पादन करना होगा, जो कि एक बड़ी चुनौती है।
इन्वेंटरी घटाने की रणनीति
कंपनी अपनी इन्वेंटरी को 130 मिलियन टन से घटाकर 95 मिलियन टन पर लाने की तैयारी कर रही है। इसी रणनीति के तहत, सितंबर में कोयले की बिक्री (ऑफटेक) उत्पादन के मुकाबले तेज रही, जो 12.5% बढ़कर 61.2 मिलियन टन तक पहुंच गई।
सब्सिडियरी का मिला-जुला प्रदर्शन
क्षेत्रीय स्तर पर प्रदर्शन में काफी अंतर देखने को मिला है:
- Western Coalfields में उत्पादन 85.5% का उछाल देखा गया।
- Central Coalfields और Mahanadi Coalfields ने भी दहाई अंकों (double-digit) में ग्रोथ दिखाई।
- इसके विपरीत, Northern Coalfields का आउटपुट 26.1% नीचे गिरा है।
आने वाले महीनों में कंपनी की कामयाबी इस बात पर निर्भर करेगी कि वह लॉजिस्टिक्स और ऑपरेशनल चुनौतियों को कैसे संभालती है और अपने नए एनर्जी प्रोजेक्ट्स व पारंपरिक माइनिंग के बीच संतुलन कैसे बनाए रखती है।
