Coal India का प्रोडक्शन अक्टूबर में **19.3%** बढ़कर **67.2 मिलियन टन** रहा, जबकि ऑफटेक में **18.7%** का उछाल दिखा है। हालांकि, साल-दर-साल (YTD) आधार पर ग्रोथ अभी भी सिर्फ **0.7%** पर अटकी हुई है।
शानदार अक्टूबर, लेकिन चुनौती बरकरार
अक्टूबर 2026 में Coal India ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपना प्रोडक्शन 19.3% बढ़ाकर 67.2 मिलियन टन तक पहुंचा दिया है। वहीं, सप्लाई चेन में सुधार के चलते कंपनी का ऑफटेक भी 18.7% की बढ़त के साथ 70.3 मिलियन टन रहा है। यह तेजी तब आई है जब सर्दियों के मौसम को देखते हुए कोयले की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
YTD आंकड़े क्या कहते हैं?
भले ही मंथली डेटा शानदार दिख रहा हो, लेकिन अप्रैल से अक्टूबर 2026 के बीच का कुल प्रोडक्शन 388.2 मिलियन टन रहा है, जो पिछले साल के मुकाबले सिर्फ 0.7% ज्यादा है। इससे साफ है कि कंपनी को अपने सालाना टारगेट तक पहुंचने के लिए आने वाले महीनों में काफी तेज रफ्तार बनाए रखनी होगी।
रीजनल परफॉर्मेंस में अंतर
कंपनी के भीतर परफॉर्मेंस काफी मिली-जुली रही है। जहाँ Western Coalfields Limited ने 64.7% की तूफानी तेजी दिखाई, वहीं Northern Coalfields Limited के सामने ऑपरेशनल चुनौतियां बनी रहीं और उनका प्रोडक्शन गिर गया।
फाइनेंशियल और मार्जिन का रिस्क
कंपनी का नेट प्रॉफिट दूसरी तिमाही में 53% बढ़कर ₹6,516 करोड़ रहा है, लेकिन निवेशकों की चिंता का विषय 'ऑपरेटिंग कॉस्ट' और 'ई-ऑक्शन' (e-auction) प्राइस है। अगर ई-ऑक्शन से मिलने वाले दाम नरम रहते हैं और खर्चे बढ़ते हैं, तो मजबूत प्रोडक्शन के बावजूद मार्जिन पर दबाव आ सकता है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कंपनी अक्टूबर वाली यह मोमेंटम आगे भी जारी रख पाएगी।
