Coal India के लिए अगस्त का महीना चुनौतीपूर्ण रहा। मॉनसून के चलते कंपनी का प्रोडक्शन **5.7%** गिरकर **47.5 मिलियन टन** पर आ गया, लेकिन मजबूत डिमांड के बीच ऑफटेक (सप्लाई) **5.5%** बढ़कर **60.6 मिलियन टन** रही है।
उत्पादन में गिरावट, पर सप्लाई में दम
अगस्त 2026 में Coal India Limited का कोयला उत्पादन सालाना आधार पर 5.7% गिरकर 47.5 मिलियन टन पर आ गया। इसका मुख्य कारण मॉनसून के दौरान माइनिंग एक्टिविटी में आई बाधा है। हालांकि, बाजार की मांग को देखते हुए कंपनी ने अपना ऑफटेक (सप्लाई) 5.5% बढ़ाकर 60.6 मिलियन टन तक पहुंचा दिया है।
इन्वेंट्री मैनेजमेंट का मास्टर स्ट्रोक
कंपनी फिलहाल अपनी पुरानी स्टॉक (pithead stocks) का इस्तेमाल करके मार्केट की जरूरतों को पूरा कर रही है। चालू फाइनेंशियल ईयर के पहले 5 महीनों में कंपनी ने लगभग 55 मिलियन टन कोयले का स्टॉक खाली किया है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर हैं कि बारिश का सीजन खत्म होने के बाद क्या कंपनी अपना प्रोडक्शन नॉर्मल स्तर पर ला पाएगी।
सब्सिडियरी कंपनियों का प्रदर्शन
अलग-अलग क्षेत्रों में प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Eastern Coalfields Limited ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रोडक्शन में 39.5% का उछाल दर्ज किया है, जिसने अन्य क्षेत्रों की गिरावट की भरपाई की। वहीं, Northern Coalfields Limited और Mahanadi Coalfields Limited के प्रोडक्शन में क्रमशः 24.8% और 10% की कमी देखी गई।
पावर सेक्टर की मजबूत डिमांड
कंपनी का मुख्य फोकस पावर सेक्टर पर है। अगस्त में पावर प्लांट्स को 48.46 मिलियन टन कोयला भेजा गया, जो पिछले साल के मुकाबले 4.5% अधिक है। इसके अलावा, नॉन-रेगुलेटेड सेक्टर के लिए भी सप्लाई 9.6% बढ़कर 12.12 मिलियन टन रही। फिलहाल कंपनी के पास 76 मिलियन टन का रिजर्व है, जो आने वाले समय के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा।
