रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी CleanMax ने अपने विस्तार के लिए ग्रीन नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए **₹2,500 करोड़** जुटाए हैं। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी के बड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को गति देने के लिए किया जाएगा।
फंड का इस्तेमाल और स्ट्रक्चर
CleanMax ने यह फंड प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए हासिल किया है। इस पूरी फंडिंग को 5 अलग-अलग ट्रेंच में बांटा गया है, जिसकी मैच्योरिटी 10 साल तक की है। कंपनी ने इन बॉन्ड्स पर 8.25% से 8.76% तक का कूपन (ब्याज दर) तय किया है। लंबे समय के लिए फिक्स्ड रेट पर फंडिंग लेने से कंपनी भविष्य में ब्याज दरों के उतार-चढ़ाव के जोखिम से खुद को सुरक्षित कर सकेगी।
दिग्गजों का भरोसा
इस इश्यू में कई बड़े ग्लोबल और डोमेस्टिक संस्थानों ने निवेश किया है। इनमें International Finance Corporation (IFC), NABFID, और India Infrastructure Finance Company जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा, Aditya Birla Capital, IDFC First Bank, और Nippon India Mutual Fund जैसी प्रमुख भारतीय संस्थाओं ने भी इस डील में भागीदारी दिखाई है। यह निवेश दिखाता है कि संस्थागत निवेशक कंपनी के बिजनेस मॉडल पर काफी भरोसा जता रहे हैं।
नियमों का पालन और ESG फोकस
ये डिबेंचर्स 'ग्रीन बॉन्ड फ्रेमवर्क' के तहत जारी किए गए हैं, जिसे CareEdge Advisory से मान्यता मिली है। यह बॉन्ड इश्यू न केवल भारतीय SEBI के नियमों का पालन करता है, बल्कि ICMA के इंटरनेशनल ग्रीन बॉन्ड प्रिंसिपल्स के भी अनुरूप है। यह उन निवेशकों के लिए अहम है जो खास तौर पर ESG-कम्प्लायंट निवेश की तलाश में रहते हैं।
आगे की राह
अब निवेशकों की नजरें कंपनी के प्रोजेक्ट्स की एग्जीक्यूशन स्पीड पर होंगी। रिन्यूएबल एनर्जी एक कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर है, इसलिए कर्ज के साथ-साथ ऑपरेशनल एफिशिएंसी बनाए रखना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती होगी। इस डील में Trust Investment Advisors Private Limited ने अरेंजर की भूमिका निभाई है, जबकि Catalyst Trusteeship Limited को डिबेंचर ट्रस्टी बनाया गया है।
