नई पॉलिसी से PNG का विस्तार हुआ तेज
सरकार ने सिटी गैस कंपनियों के लिए पाइप नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क के विस्तार को और तेज करने हेतु एक नया फ्रेमवर्क पेश किया है। इस नई पॉलिसी के तहत, ज़मीन अधिग्रहण, अप्रूवल मिलने में देरी और फीस जैसी मुख्य बाधाओं को सरल बनाया गया है, जिससे देश भर में नेटवर्क का विस्तार आसान हो जाएगा।
उपभोक्ताओं को PNG पर स्विच करना होगा
नए नियमों के मुताबिक, अब उपभोक्ताओं को पाइप नेचुरल गैस (PNG) पर स्विच करने के लिए सख्त समय-सीमा का पालन करना होगा। जो घरेलू उपभोक्ता इसका पालन नहीं करेंगे, उन्हें LPG सप्लाई बंद करने की चेतावनी दी गई है। सरकारी टाइमलाइन के तहत, ज़मीन अधिग्रहण की मंजूरी तीन वर्किंग डेज़ में और डोमेस्टिक PNG कनेक्शन दो दिनों के अंदर मिलना ज़रूरी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि करीब 60 लाख ऐसे घर हैं जिनके पास इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है और वे तुरंत PNG कनेक्शन ले सकते हैं।
पश्चिम एशिया के तनाव ने बढ़ाई एनर्जी सप्लाई की चिंता
दूसरी ओर, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने ग्लोबल LPG और LNG सप्लाई की स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। ऊर्जा सुविधाओं को नुकसान पहुंचने या हॉरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सप्लाई रुकने की आशंका लंबे समय तक सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकती है। इससे कीमतों में उतार-चढ़ाव आ सकता है और घरेलू ऊर्जा विकल्पों की मांग बढ़ सकती है।
पॉलिसी बूस्ट और सप्लाई फियर्स से शेयरों में आई तेजी
इन सभी विकासों ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को ज़बरदस्त बढ़ावा दिया। Indraprastha Gas Ltd. और Mahanagar Gas Ltd. के शेयर चढ़े, क्योंकि निवेशक पॉलिसी से प्रेरित ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं। साथ ही, वे अस्थिर अंतरराष्ट्रीय बाजारों के बजाय घरेलू गैस सप्लाई की सुरक्षा को अधिक महत्व दे रहे हैं। PNG को अपनाने के लिए यह सरकारी जोर भारत के व्यापक ऊर्जा सुरक्षा उद्देश्यों का भी समर्थन करता है।