पावर प्रोजेक्ट्स में बड़ी डील
Ceigall India ने Purvah Green Power Private Limited से ₹298 करोड़ के दो महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) वर्क ऑर्डर हासिल किए हैं। ये प्रोजेक्ट्स Andhra Pradesh में स्थित होंगे। पहला कॉन्ट्रैक्ट ₹119.96 करोड़ का है, जिसमें 220 kV ट्रांसमिशन लाइन की सप्लाई, ट्रांसपोर्टेशन और इरेक्शन शामिल है, जिसमें सिविल वर्क्स और ज़रूरी अप्रूवल भी शामिल हैं। दूसरा बड़ा कॉन्ट्रैक्ट ₹177.93 करोड़ का है, जो 300.3 MW हाइब्रिड विंड पावर प्रोजेक्ट के बैलेंस ऑफ प्लांट कंस्ट्रक्शन पर केंद्रित है। इसमें 91 विंड टर्बाइन जेनरेटर के लिए फाउंडेशन, एक्सेस रोड्स और पाथवे का निर्माण शामिल है। दोनों प्रोजेक्ट्स को 10 महीनों के अंदर पूरा करने का लक्ष्य है। Purvah Green Power Private Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2025 के लिए ₹8.79 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था।
रोड प्रोजेक्ट से ऑर्डर बुक मजबूत
ये नए पावर सेक्टर कॉन्ट्रैक्ट्स Ceigall India के रोड इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट में मजबूत पकड़ को और बढ़ाते हैं। पिछले हफ्ते, कंपनी की पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी, Ceigall Infra Projects Pvt Ltd (CIPPL), नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के ₹603 करोड़ के एक प्रोजेक्ट के लिए लोएस्ट बिडर (L1) के तौर पर उभरी थी। इस प्रोजेक्ट में Punjab में छह-लेन एक्सेस- कंट्रोल्ड स्पर्स कनेक्टिविटी का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के तहत किया जाना है। NHAI कॉन्ट्रैक्ट में 18 महीने का कंस्ट्रक्शन पीरियड और उसके बाद 15 साल का ऑपरेशन और मेंटेनेंस पीरियड शामिल है। इन संयुक्त जीतों से Ceigall India की ऑर्डर बुक में काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
वैल्यूएशन और सेक्टर ग्रोथ का आउटलुक
Ceigall India की मौजूदा मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹4,600-₹4,700 करोड़ है। इसका ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ्स (TTM) प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो लगभग 18.07 से 18.25 के बीच है। यह वैल्यूएशन प्रमुख इंडस्ट्री पीयर्स जैसे Larsen & Toubro (LT) (जिसका P/E रेशियो 26.85 से 35.20 है) और KEC International (P/E रेशियो 20.10 से 40 के बीच) की तुलना में आकर्षक लगता है। भारतीय EPC सेक्टर में लगातार सरकारी खर्च के चलते FY26 में 9-11% की मजबूत ग्रोथ का अनुमान है, खासकर रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में।
दबाव के मुख्य कारण: मार्जिन में गिरावट और देनदारियां
नए ऑर्डर्स के आने के बावजूद, Ceigall India कुछ अंदरूनी चुनौतियों का सामना कर रही है। कुछ एनालिस्ट्स ने पिछले दशक में कंपनी के 'बिलो एवरेज क्वालिटी' ट्रैक रिकॉर्ड और 'वीक प्राइस ट्रेंड' की ओर इशारा किया है। कंपनी पर कुल ₹1,035.29 करोड़ की बड़ी कॉन्टिजेंट लायबिलिटीज हैं। पिछले साल सेल्स में 14.55% की बढ़ोतरी हुई, वहीं प्रॉफिट ग्रोथ -2.41% रही। स्टैंडअलोन EBITDA मार्जिन ईयर-ऑन-ईयर 13.5% से गिरकर 11.8% हो गया है, जो मार्जिन पर दबाव को दर्शाता है। पिछले साल से अर्निंग्स ग्रोथ का नकारात्मक होना भी चिंता का विषय है।
एनालिस्ट्स की मिली-जुली राय
इन चिंताओं के विपरीत, दो एनालिस्ट्स की कंसेंसस रिपोर्ट Ceigall India को 'स्ट्रॉन्ग बाय' रेटिंग देती है, जिसका औसत 1-ईयर प्राइस टारगेट ₹331.00 है, जो 25% से अधिक की संभावित अपसाइड का संकेत देता है। एक अन्य फोरकास्ट में औसत 1-ईयर टारगेट ₹306.51 बताया गया है। कंपनी की मार्केट कैपिटलाइजेशन और P/E रेशियो बताता है कि यह अपने पीयर्स और सेक्टर पोटेंशियल की तुलना में अंडरवैल्यूड हो सकती है। हालांकि, निवेशक इन नए कॉन्ट्रैक्ट्स के एग्जीक्यूशन और प्रॉफिटेबिलिटी पर बारीकी से नजर रखेंगे, खासकर कंपनी के मार्जिन प्रेशर और ऐतिहासिक क्वालिटी असेसमेंट्स को देखते हुए।