Chennai Petroleum Corporation Ltd (CPCL) के लिए सितंबर तिमाही बेहद शानदार रही है। रिफाइनिंग मार्जिन में भारी उछाल के चलते कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹2,271 करोड़** पहुंच गया है। मेंटेनेंस शटडाउन के बावजूद कंपनी ने न केवल बेहतरीन ऑपरेशनल क्षमता दिखाई, बल्कि निवेशकों के लिए **₹25** प्रति शेयर के डिविडेंड का भी ऐलान किया है।
Chennai Petroleum Corporation Ltd (CPCL) ने सितंबर तिमाही में अपनी वित्तीय स्थिति में जबरदस्त सुधार दिखाया है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹732 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹2,271 करोड़ हो गया है। कंपनी का रेवेन्यू भी 10% की बढ़त के साथ ₹22,109 करोड़ पर दर्ज किया गया है, जो पिछले साल ₹20,069 करोड़ था।
रिफाइनिंग मार्जिन और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस
इस दमदार नतीजों के पीछे का मुख्य कारण कंपनी का 'ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन' रहा है, जो पिछले साल के $9.04 प्रति बैरल के मुकाबले अब $20.41 प्रति बैरल पर पहुंच गया है। यह मार्जिन कच्चा तेल खरीदने और उससे पेट्रोल-डीजल जैसे प्रोडक्ट तैयार करके बेचने के बीच का अंतर है, जो ग्लोबल डिमांड से तय होता है।
सितंबर में कंपनी के हाइड्रोक्रैकर यूनिट में 40 दिन का मेंटेनेंस शटडाउन होने के बावजूद, कंपनी ने 98% की कैपेसिटी यूटिलाइजेशन हासिल की और कुल 2.59 मिलियन टन कच्चा तेल प्रोसेस किया।
स्ट्रैटेजी और निवेशकों के लिए तोहफा
CPCL अब अपनी कच्चे तेल की निर्भरता कम करने के लिए नाइजीरिया और घाना जैसे देशों से भी सप्लाई ले रही है, जिसमें पैरेंट कंपनी Indian Oil Corporation (IOCL) का बड़ा सपोर्ट मिल रहा है। साथ ही, कंपनी तमिलनाडु में अपने रिटेल आउटलेट्स का विस्तार करने की योजना बना रही है।
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी खुशी की बात ₹25 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड है। हालांकि, रिफाइनिंग सेक्टर ग्लोबल क्रूड ऑयल कीमतों के प्रति काफी संवेदनशील है। आने वाले समय में ग्लोबल क्रैक स्प्रेड्स में बदलाव कंपनी के मार्जिन को कैसे प्रभावित करते हैं, इस पर नजर रखना जरूरी होगा।
