Brent crude की कीमतों में **$101** प्रति बैरल के पार जाने के बाद CPCL और MRPL के शेयरों में **6%** का बड़ा उछाल देखा गया। कमजोर बाजार के बीच भी ये रिफाइनर्स निवेशकों की पहली पसंद बने हुए हैं।
बाजार की चाल के विपरीत रिफाइनर्स का जलवा
बुधवार, 7 अक्टूबर, 2026 को शेयर बाजार में सुस्ती के बावजूद Chennai Petroleum Corporation (CPCL) और Mangalore Refinery and Petrochemicals (MRPL) के शेयरों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते ग्लोबल मार्केट में Brent crude की कीमतें $101 के पार पहुंच गई हैं, जिसका सीधा फायदा इन रिफाइनर्स को मिल रहा है।
क्यों बढ़ रहा है भरोसा?
बाजार के जानकारों का मानना है कि चीन द्वारा अक्टूबर महीने के लिए फ्यूल एक्सपोर्ट सस्पेंड करने का फैसला एशिया में सप्लाई गैप पैदा कर रहा है। इससे भारतीय रिफाइनर्स के पास अपनी एक्सपोर्ट डिमांड बढ़ाने और रिफाइनिंग मार्जिन को बेहतर करने का सुनहरा मौका है। जहाँ Nifty 50 इंडेक्स पर बिकवाली का दबाव था, वहीं इंडिपेंडेंट रिफाइनर्स अपनी मुनाफे की संभावनाओं के कारण निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं।
सरकारी कंपनियों (OMCs) का हाल
इस रैली के उलट, सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) जैसे Indian Oil Corporation (IOC), Bharat Petroleum Corporation (BPCL) और Hindustan Petroleum Corporation (HPCL) दबाव में दिखीं। यह अंतर साफ बताता है कि निवेशक अब उन कंपनियों को तरजीह दे रहे हैं जिनका फोकस रिफाइनिंग प्रॉफिटेबिलिटी पर है, न कि रिटेल फ्यूल बिजनेस पर, जहाँ मार्जिन पर सरकारी नियंत्रण रहता है।
रिस्क फैक्टर और सावधानियां
निवेशकों को सतर्क रहने की भी जरूरत है। MRPL के लिए चुनौती कम नहीं है, क्योंकि 30 सितंबर, 2026 को मंगलुरु प्लांट में हुई आग की घटना के बाद कंपनी ने 3 स्पॉट एक्सपोर्ट टेंडर्स रद्द कर दिए थे। हालांकि कंपनी का कहना है कि कामकाज सामान्य है, लेकिन सुरक्षा और रेगुलेटरी जांच पर नजर रखना जरूरी है। इसके अलावा, यदि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आती है या चीन अपना एक्सपोर्ट बैन हटाता है, तो इन कंपनियों के मार्जिन पर सीधा असर पड़ सकता है।
