ग्रीन एनर्जी की ओर CESC का बड़ा कदम
CESC Ltd ने अपने हरित ऊर्जा (Green Energy) लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में एक अहम डील पक्की की है। कंपनी ने 600 मेगावाट क्षमता की हाइब्रिड पवन-सौर बिजली के लिए 25 साल की लंबी अवधि के पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह डील कंपनी की सहायक कंपनी Purvah Green Power Private Ltd सहित चार संस्थाओं के साथ हुई है।
यह कदम CESC की 'Growth Vision 2030' योजना का एक अहम हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी फाइनेंशियल ईयर 2029 तक अपनी रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता को बढ़ाकर 3.2 गीगावाट (GW) तक ले जाने का लक्ष्य रखती है।
टैरिफ और मार्केट रिएक्शन
इन पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के लिए टैरिफ (Tariff) ₹3.74 से ₹3.75 प्रति किलोवाट-घंटा (kWh) के बीच तय हुआ है। इस खबर का असर शेयर बाजार पर भी दिखा, जहाँ 16 अप्रैल, 2026 को CESC के शेयर 4.36% चढ़कर ₹170.48 पर बंद हुए। लगभग 59.2 लाख शेयर ट्रेड हुए, जो निवेशकों की रुचि दर्शाते हैं।
विश्लेषकों की राय और चिंताएं
CESC की इस डील पर ज्यादातर एनालिस्ट्स (Analysts) काफी बुलिश (Bullish) हैं। 14 में से 13 एनालिस्ट्स ने इसे 'Strong Buy' रेटिंग दी है और औसत प्राइस टारगेट (Price Target) में 30% से अधिक की तेजी की उम्मीद जताई है।
हालांकि, कुछ चिंताएं भी बनी हुई हैं। हाल की हाइब्रिड प्रोजेक्ट नीलामी में टैरिफ ₹3.15-₹3.65 प्रति kWh के आसपास रहा है, जबकि CESC की डील थोड़ी महंगी लग रही है। इसके अलावा, कंपनी का कर्ज का स्तर (Debt level) 1.12x के करीब है, जो विश्लेषकों की चिंता का विषय है। यह कर्ज अनुपात ब्याज दरें बढ़ने या कमाई घटने पर जोखिम पैदा कर सकता है। Purvah Green Power Private Ltd की भागीदारी ने संबंधित-पक्ष लेनदेन (Related-party transactions) पर भी सवाल खड़े किए हैं, हालांकि कंपनी का कहना है कि यह सभी नीलामियां पारदर्शी तरीके से हुईं।
भविष्य की योजनाएं
CESC का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (Market Cap) लगभग ₹21,653.19 करोड़ है और इसका TTM P/E 14.08x है, जो NTPC (23.98x) और Adani Power (31.29x) जैसे प्रतिस्पर्धियों से कम है। कंपनी फाइनेंशियल ईयर 2030 तक मुनाफा दोगुना करने और उत्तर प्रदेश में ₹3,800 करोड़ का एक सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की योजना बना रही है, जो इसके भविष्य के विकास की ओर इशारा करता है।