Brookfield Asset Management अपने 550 MW के राजस्थान स्थित सोलर पावर प्रोजेक्ट को लगभग ₹3,000 करोड़ ($360 मिलियन) में बेच रहा है। यह डील ₹5.45 करोड़ प्रति MW के वैल्यूएशन पर हुई है, जो इंडस्ट्री के मौजूदा औसत के अनुरूप है। इन्वेस्टमेंट बैंक Jefferies इस सेल को मैनेज कर रहा है, और इसके लिए कई इंटरनेशनल और डोमेस्टिक खरीदारों से बोलियां मिली हैं। इस रणनीतिक कदम से Brookfield को एक मैच्योर एसेट से पूंजी निकालकर भारत के तेजी से बढ़ते कमर्शियल और इंडस्ट्रियल (C&I) रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अपने आक्रामक विस्तार के लिए फंड जुटाने में मदद मिलेगी।
यह बिक्री भारत के C&I रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट में हो रही जबरदस्त ग्रोथ के बीच हुई है। यह सेगमेंट अब देश की कुल बिजली मांग का लगभग 52% है, और कंपनियां ग्रीन पावर को अपनी जरूरत मान रही हैं। अनुमान है कि 2027-28 तक C&I रिन्यूएबल कैपेसिटी बढ़कर 57 GW हो जाएगी, जो 2025-26 के अंत तक करीब 40 GW रहने की उम्मीद है। कंपनियों द्वारा ग्रीन पावर को प्राथमिकता देना, आकर्षक लॉन्ग-टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट्स (PPAs), और मजबूत रिटर्न इस ग्रोथ के मुख्य कारण हैं।
यह कदम Brookfield की भारत में क्लीन एनर्जी और ट्रांजिशन प्रोजेक्ट्स में भारी निवेश की व्यापक स्ट्रेटेजी का हिस्सा है। कंपनी ने हाल ही में अपने दूसरे Brookfield Global Transition Fund (BGTF II) के लिए $20 बिलियन की भारी-भरकम प्रतिबद्धताएं जुटाई हैं, जिसमें को-इन्वेस्टमेंट मिलाकर कुल $23.5 बिलियन हो जाता है। BGTF II से भारत के ट्रांजिशन प्रोजेक्ट्स, जैसे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) और ग्रीन हाइड्रोजन में काफी फंड डिप्लॉय होने की उम्मीद है।
Brookfield ग्लोबल लेवल पर $1.18 ट्रिलियन से अधिक एसेट्स मैनेज करता है, और इसका लक्ष्य भारत में अपने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) को $100 बिलियन तक बढ़ाना है। इस प्रोजेक्ट की बिक्री से मिले फंड का इस्तेमाल इसी ग्रोथ स्ट्रेटेजी के लिए होगा। हाल ही में, Brookfield ने भारत में 1.6 GW का एक सोलर और विंड पोर्टफोलियो Gentari Renewables India को बेचा था।
हालांकि, भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में ReNew Energy और NTPC Green Energy जैसी कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और वैल्यूएशन को लेकर कुछ चिंताएं भी हैं। Brookfield को अपने महत्वाकांक्षी ग्रोथ लक्ष्यों को हासिल करने के लिए लगातार ऐसे एसेट सेल और सफल फंडरेज़िंग की जरूरत होगी।