Brent Crude Oil: सऊदी अरब पर हमले से कच्चे तेल में उबाल, $100 के पार निकली कीमतें

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AuthorAditya Rao|Published at:
Brent Crude Oil: सऊदी अरब पर हमले से कच्चे तेल में उबाल, $100 के पार निकली कीमतें

सऊदी अरब के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों के मिसाइल हमले के बाद कच्चा तेल **$100 प्रति बैरल** के स्तर को पार कर गया है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने ग्लोबल सप्लाई चेन के लिए चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसका सीधा असर भारत की महंगाई, रुपये की चाल और सेक्टरों के मुनाफे पर पड़ेगा।

सऊदी अरब के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हालिया मिसाइल हमलों के बाद ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आग लग गई है। ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है, क्योंकि मार्केट में क्रिटिकल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा को लेकर डर पैदा हो गया है। इन हमलों के कारण फ्लाइट्स को ग्राउंड करना पड़ा और इमरजेंसी की स्थिति बनी, जिससे सप्लाई चेन पर खतरा मंडराने लगा है।

मिडिल ईस्ट में जारी यह तनाव ग्लोबल एनर्जी प्राइसिंग के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ है। हालांकि सऊदी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना ने मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है, लेकिन इन हमलों की बारंबारता ने कच्चे तेल की कीमतों में एक 'जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम' जोड़ दिया है।

भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर

भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए वैश्विक स्तर पर दाम बढ़ना भारतीय इकोनॉमी के लिए बड़ा रिस्क है। कच्चे तेल के महंगे होने से हमारा इंपोर्ट बिल बढ़ेगा, जिसका सीधा दबाव करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) और भारतीय रुपये की वैल्यू पर पड़ना तय है।

किन सेक्टरों में है रिस्क?

  • ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs): अगर कच्चे तेल की बढ़ती लागत को रिटेल कीमतों में पूरी तरह से पास नहीं किया गया, तो इन कंपनियों के मार्जिन पर गहरा असर पड़ेगा।
  • एविएशन और लॉजिस्टिक्स: फ्यूल कॉस्ट इनके ऑपरेटिंग खर्च का बड़ा हिस्सा है, इसलिए इन पर दबाव बढ़ना लाजिमी है।
  • पेंट और केमिकल: कच्चे तेल पर आधारित डेरिवेटिव्स पर निर्भर इन कंपनियों की इनपुट कॉस्ट बढ़ सकती है, जिससे प्रॉफिट मार्जिन पर चोट पहुंच सकती है।

फिलहाल, मार्केट की नजर इस बात पर है कि यह तनाव कितनी जल्दी शांत होता है और क्या रीजनल प्रोड्यूसर्स सप्लाई चेन को स्थिर रख पाते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.