मुनाफे की राह पर बिजली कंपनियाँ, अब लिस्टिंग की तैयारी
लगातार दो फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) से मुनाफा कमाने के बाद, बिहार की बिजली वितरण कंपनियाँ अब स्टॉक मार्केट में लिस्ट होने के लिए तैयार हैं। इस कदम का मकसद बेहतर रेवेन्यू का इस्तेमाल करके वित्तीय प्रदर्शन को और मजबूत करना है। एनर्जी सेक्रेटरी मनोज कुमार सिंह के मुताबिक, प्रभावी नीतियों के कार्यान्वयन, मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और जमीनी स्तर पर कड़ी मेहनत के कारण यह वित्तीय सुधार संभव हो पाया है।
डिस्कों का दमदार प्रदर्शन: आया रिकॉर्ड मुनाफा
आंकड़ों की बात करें तो, नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (North Bihar Power Distribution Company - NBPDC) ने फाइनेंशियल ईयर 25 में ₹1,338.6 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर 24 के ₹1,105.9 करोड़ से काफी ज्यादा है। वहीं, साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (South Bihar Power Distribution Company - SBPDC) ने भी फाइनेंशियल ईयर 25 में ₹744 करोड़ का शानदार नेट प्रॉफिट कमाया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा सिर्फ ₹63.5 करोड़ था। यह दिखाता है कि कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiency) में काफी सुधार हुआ है। हाल ही में पावर मिनिस्ट्री और REC Ltd द्वारा जारी की गई 66 डिस्कों (discoms) की रैंकिंग में NBPDC 13वें और SBPDC 24वें स्थान पर रही।
भविष्य की योजनाएँ और न्यूक्लियर पावर पर फोकस
सिर्फ डिस्ट्रीब्यूशन तक ही राज्य की महत्वाकांक्षाएं सीमित नहीं हैं। बिहार कम से कम दो न्यूक्लियर पावर प्लांट (nuclear power plants) विकसित करने पर भी विचार कर रहा है। NTPC और न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन (Nuclear Power Corporation) नवादा, बांका और सिवान जिलों में इसके लिए सर्वे कर रही हैं। राज्य सरकार इन प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कर हर संभव मदद करेगी। यह कदम केंद्र सरकार की उस सलाह के अनुरूप है, जिसमें राज्यों को भविष्य के निवेश के लिए फंडिंग जुटाने हेतु पावर सेक्टर की कंपनियों, खासकर ट्रांसमिशन कंपनियों को लिस्ट करने के लिए कहा गया है। बिहार पावर ट्रांसमिशन कंपनी (Bihar Power Transmission Company) को फाइनेंशियल ईयर 27 तक लिस्ट कराने के लिए एक मर्चेंट बैंकर (merchant banker) की भी नियुक्ति की जा रही है।