Bharat Petroleum Corporation (BPCL) ने इस फाइनेंशियल ईयर के लिए अपनी पहली इराकी क्रूड शिपमेंट प्राप्त कर ली है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में समुद्री व्यवधानों से बचने के लिए कंपनी ने फुजैरा के पास 'शिप-टू-शिप' ट्रांसफर का रास्ता अपनाया है।
लॉजिस्टिक्स में बदलाव और चुनौतियों का सामना
मिडल ईस्ट में जारी तनाव के बीच Bharat Petroleum Corporation (BPCL) ने अपनी सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने हॉर्मुज के अस्थिर रास्तों से बचने के लिए फुजैरा के पास 'शिप-टू-शिप' (STS) ट्रांसफर प्रक्रिया का सहारा लिया है, जिससे रिफाइनरियों तक कच्चे तेल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
डिस्काउंट का सहारा
यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इराक के सप्लायर्स अगस्त-लोडिंग वाले बसरा क्रूड पर $25 से $30 प्रति बैरल तक का भारी डिस्काउंट दे रहे हैं। यह छूट बीमा और लॉजिस्टिक की बढ़ती लागत को कवर करने में मदद कर रही है। उल्लेखनीय है कि BPCL अपनी कुल क्रूड खरीद का लगभग 60% हिस्सा स्पॉट मार्केट से ही लेता है।
फाइनेंशियल सेहत और भविष्य की राह
कंपनी ने ₹25,843 करोड़ के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट के साथ मजबूत आधार पर फाइनेंशियल ईयर 2026 की शुरुआत की थी। 27 अगस्त 2026 को हुई 73वीं एनुअल जनरल मीटिंग में भी शेयरधारकों ने प्रदर्शन पर संतोष जताया है। हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स अब इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि क्या लॉजिस्टिक्स में आया यह बदलाव कंपनी के मार्जिन (Margins) पर दबाव डालेगा या नहीं। बढ़ते बीमा प्रीमियम और डिमरेज कॉस्ट (Demurrage costs) आने वाले समय में कंपनी के लिए मुख्य चुनौतियां बने रहेंगे।
