सितंबर तिमाही में BPCL का नेट प्रॉफिट **22%** घटकर **₹4,863 करोड़** रह गया है। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू स्तर पर फ्यूल की कीमतें स्थिर रखने के दबाव ने कंपनी के मार्जिन पर असर डाला है।
मुनाफे में गिरावट की वजह
सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही में BPCL का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 22% फिसलकर ₹4,863 करोड़ पर आ गया है। इस गिरावट की मुख्य वजह मार्केटिंग दबाव है। वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव के कारण ग्लोबल क्रूड मार्केट में जो अस्थिरता है, उसका बोझ उपभोक्ताओं पर न डालने के लिए कंपनी ने रिटेल फ्यूल प्राइसेज को स्थिर रखा, जिससे मार्जिन पर सीधा असर पड़ा है।
ऑपरेशन्स और चुनौतियां
कंपनी के ऑपरेशनल परफॉरमेंस की बात करें तो क्रूड थ्रूपुट बढ़कर 10.41 मिलियन टन रहा, जो पिछली तिमाही में 10.15 मिलियन टन था। घरेलू बिक्री भी 13.47 मिलियन टन रही। हालांकि, LPG की कीमतों पर कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। LPG पर संचयी अंडर-रिकवरी (Under-recovery) बढ़कर ₹17,334.40 करोड़ हो गई है, जो मार्च में करीब ₹12,318 करोड़ थी।
आंध्र प्रदेश में बड़ा निवेश
भविष्य की ग्रोथ के लिए BPCL अब आंध्र प्रदेश के रामायपट्टनम में एक बड़े रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर काम कर रही है। इसके लिए एक नई सब्सिडियरी बनाई गई है, जिसकी ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल ₹4,900 करोड़ तक रखी गई है। फिलहाल निवेशक इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि कंपनी अपने मौजूदा डेट (Debt) और कैश फ्लो को मैनेज करते हुए इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए फंड कैसे जुटाएगी।
