Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL) ने अपनी कोच्चि रिफाइनरी की क्षमता को **15.5 MMTPA** से बढ़ाकर **17 MMTPA** करने का ऐलान किया है। यह विस्तार कंपनी के **5** साल पुराने 'Project Aspire' का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य पेट्रोकेमिकल्स के जरिए मुनाफे को डायवर्सिफाई करना है।
स्ट्रैटेजिक रोडमैप: 'Project Aspire'
BPCL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर संजय खन्ना ने 73वीं एनुअल जनरल मीटिंग में इस विस्तार की जानकारी दी। कंपनी अब केवल पारंपरिक ईंधन (पेट्रोल-डीजल) पर निर्भर नहीं रहना चाहती। इस विस्तार के जरिए कंपनी पॉलीप्रोपाइलीन जैसे पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स के उत्पादन पर जोर दे रही है, जिससे मार्केट में बेहतर मार्जिन मिल सके।
शानदार ऑपरेशनल परफॉर्मेंस
कंपनी के हालिया आंकड़े काफी मजबूत रहे हैं। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में BPCL ने 41.2 मिलियन मीट्रिक टन कच्चे तेल को प्रोसेस किया, जिसमें कैपेसिटी यूटिलाइजेशन 116.6% रही। इस दौरान कंपनी का ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) USD 11.74 प्रति बैरल रहा, जो वैश्विक बाजार की उथल-पुथल के बावजूद शानदार प्रदर्शन को दर्शाता है।
बड़े प्रोजेक्ट्स पर दांव
कोच्चि के अलावा कंपनी का फोकस अन्य रिफाइनरीज पर भी है:
- बीना रिफाइनरी: क्षमता को 7.8 MMTPA से बढ़ाकर 11 MMTPA किया जा रहा है।
- मुंबई रिफाइनरी: यहाँ ₹14,000 करोड़ के निवेश से नई यूनिट्स लगाई जा रही हैं ताकि सस्ता, हाई-सल्फर क्रूड प्रोसेस किया जा सके।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
हालांकि यह विस्तार भविष्य के लिए अच्छा संकेत है, लेकिन निवेशकों को रिफाइनिंग सेक्टर के रिस्क पर नजर रखनी चाहिए। कैपिटल-इंटेंसिव बिजनेस होने के नाते प्रोजेक्ट्स का समय पर पूरा होना और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं। सरकार की ईंधन कीमतों पर पॉलिसी भी एक मुख्य फैक्टर है जिस पर बाजार की नजर बनी रहेगी।
