BPCL: E20 फ्यूल पर मची हलचल के बीच कंपनी का बड़ा बयान, क्या वापस होगा E10 पेट्रोल?

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AuthorMehul Desai|Published at:
BPCL: E20 फ्यूल पर मची हलचल के बीच कंपनी का बड़ा बयान, क्या वापस होगा E10 पेट्रोल?

Bharat Petroleum Corporation Ltd (BPCL) ने उन खबरों का खंडन किया है जिनमें कहा जा रहा था कि सरकार E20 इथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी से पीछे हट रही है। कंपनी ने साफ किया कि देश का मुख्य फोकस अब भी E20 पर ही है और E10 को केवल पुराने वाहनों के लिए एक विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।

Bharat Petroleum Corporation Ltd (BPCL) ने देश में फ्यूल-ब्लेंडिंग पॉलिसी को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। सरकारी तेल कंपनी ने पुष्टि की है कि पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने के E20 मैंडेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह स्पष्टीकरण तब आया जब मार्केट में यह अफवाह जोर पकड़ गई थी कि सरकार वापस E10 फ्यूल पर लौट सकती है।

क्या थी भ्रम की स्थिति?

यह कन्फ्यूजन BPCL चेयरमैन संजय खन्ना के एक हालिया बयान से पैदा हुआ था। उन्होंने एक बातचीत के दौरान कहा था कि यदि सरकार नीति में बदलाव करती है, तो ऑपरेशनल तौर पर E10 पर वापस लौटना संभव है। इस टिप्पणी को बाजार ने 'पॉलिसी रोलबैक' समझ लिया, जबकि मैनेजमेंट ने बाद में साफ किया कि वह केवल कंपनी की लॉजिस्टिकल फ्लेक्सिबिलिटी (संचालन क्षमता) के बारे में बात कर रहे थे।

कंपनी का कहना है कि वे पुराने वाहनों के लिए E10 को एक अतिरिक्त विकल्प के रूप में पेश करने पर विचार कर रहे हैं, न कि E20 को हटाने के लिए।

फाइनेंशियल सेहत और जोखिम

BPCL के लिए यह स्पष्टता ऐसे समय में आई है जब कंपनी आर्थिक दबाव से जूझ रही है। Q1 FY27 के फाइनेंशियल नतीजों में कंपनी ने ₹1,872.70 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है। इसकी मुख्य वजह फ्यूल मार्केटिंग मार्जिन में आई कमजोरी है।

निवेशकों के लिए मुख्य चिंता का विषय यह है कि यदि सरकार E10 को एक वैकल्पिक फ्यूल के रूप में लाती है, तो तेल कंपनियों को डबल इन्वेंट्री और स्टोरेज का प्रबंधन करना होगा, जिससे ऑपरेशनल जटिलताएं और लागत बढ़ सकती है। अब निवेशकों की नजर कंपनी के मार्केटिंग मार्जिन की स्थिरता पर टिकी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.