रूस से तेल खरीद पर BPCL का रुख
भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने पुष्टि की है कि वह रूस से कच्चा तेल केवल उन्हीं कंपनियों से खरीद रहा है जिन पर फिलहाल कोई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लागू नहीं हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाजारों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
रिटेल फ्यूल पर नुकसान: एक अस्थायी चिंता
BPCL ने स्वीकार किया है कि कंपनी को अपने रिटेल फ्यूल की बिक्री पर अल्पकालिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद, कंपनी का कहना है कि रिटेल फ्यूल की कोई कमी नहीं है और डीलरों के लिए क्रेडिट लाइन्स पर कोई असर नहीं पड़ा है। BPCL ने यह भी बताया कि वह 30 दिनों से अधिक का कच्चा तेल स्टॉक नहीं रख सकता।
मार्च तिमाही के मुनाफे पर एसेट राइट-डाउन का असर
31 मार्च को समाप्त हुई चौथी तिमाही में, BPCL का नेट प्रॉफिट ₹3,191.49 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹3,214.06 करोड़ से लगभग सपाट है। यह पिछली तिमाही के ₹7,545.27 करोड़ के मुनाफे से काफी कम है। साल-दर-साल सपाट नतीजे मुख्य रूप से इसकी सहायक कंपनी भारत पेट्रोरिसोर्सेज लिमिटेड (Bharat PetroResources Ltd) में निवेश पर ₹4,349.13 करोड़ के इंपेयरमेंट लॉस (Impairment Loss) के कारण थे। यह राइट-डाउन कंपनी के तेल और गैस ब्लॉकों के भविष्य के दृष्टिकोण में बदलाव के कारण हुआ, जिससे अपस्ट्रीम निवेश का मूल्य कम हो गया।
पूरे वित्तीय वर्ष में मुनाफे में 75% का उछाल
तिमाही में आई गिरावट के बावजूद, BPCL ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए पूरे वित्तीय वर्ष के लिए मजबूत वृद्धि दर्ज की। नेट प्रॉफिट 75% बढ़कर ₹23,303.22 करोड़ हो गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष (FY25) के ₹13,275.26 करोड़ से काफी अधिक है।
तिमाही नतीजों में मार्च महीने में पेट्रोल, डीजल और कुकिंग गैस (LPG) को लागत से कम कीमत पर बेचने से हुए नुकसान को भी शामिल किया गया है। BPCL और अन्य सरकारी खुदरा विक्रेताओं द्वारा अपनाई गई इस मूल्य निर्धारण रणनीति का उद्देश्य पश्चिम एशिया संघर्ष से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मूल्य उतार-चढ़ाव से घरेलू बाजार को बचाना था। इन उपायों का पूरा वित्तीय प्रभाव जून तिमाही के नतीजों में दिखने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, BPCL ने FY26 में घरेलू एलपीजी बिक्री पर लागत से कम पर ₹12,318.52 करोड़ की अंडर-रिकवरी दर्ज की, जिसमें सरकारी सब्सिडी भुगतानों की समय-सीमा की पुष्टि लंबित है।
ऑपरेशनल परफॉर्मेंस की मुख्य बातें
BPCL का परिचालन से राजस्व (Revenue from operations) चौथी तिमाही में ₹1.34 लाख करोड़ और पूरे वित्तीय वर्ष के लिए ₹5.22 लाख करोड़ रहा। चौथी तिमाही में रिफाइनरी थ्रूपुट (Refinery Throughput) 10.4 मिलियन टन था, जो पिछले साल के 10.58 मिलियन टन से मामूली कमी है, जबकि ईंधन की बिक्री बढ़कर 13.86 मिलियन टन हो गई। पूरे वित्तीय वर्ष FY26 के लिए, रिफाइनरी थ्रूपुट FY25 के 40.51 मिलियन टन से सुधरकर 41.15 मिलियन टन हो गया। ईंधन की बिक्री भी पिछले वर्ष के 52.40 मिलियन टन से बढ़कर 54.18 मिलियन टन हो गई।
