BPCL ने ब्राजील में अपने महत्वाकांक्षी ऑफशोर प्रोजेक्ट SEAP-I पर काम तेज कर दिया है। कंपनी इस प्रोजेक्ट में **40%** हिस्सेदारी के साथ **$2.8 अरब** का बड़ा निवेश कर रही है, जो भारत की एनर्जी सिक्योरिटी के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
स्ट्रैटेजिक महत्व
इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व ब्राजील की दिग्गज कंपनी Petrobras कर रही है। BPCL का लक्ष्य मिडिल ईस्ट पर अपनी निर्भरता को कम करना और खुद के तेल भंडार (Equity Oil) विकसित करना है। यह प्रोजेक्ट BM-SEAL-11 ब्लॉक में स्थित है, जहाँ गहरे समुद्र से तेल निकालने का काम किया जाएगा।
टाइमलाइन और तकनीक
अप्रैल 2026 में निवेश पर अंतिम मुहर लगने के बाद अब प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन फेज में है। मई 2026 में SBM Offshore के साथ FPSO (फ्लोटिंग प्रोडक्शन स्टोरेज एंड ऑफलोडिंग) यूनिट के लिए करार किया गया है। इस तकनीक के जरिए तेल और गैस की प्रोसेसिंग की जाएगी, और साल 2030 तक पहली बार प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
इन्वेस्टर्स को यह ध्यान रखना चाहिए कि इतने बड़े लेवल के ऑफशोर प्रोजेक्ट्स में 'जस्टेशन पीरियड' काफी लंबा होता है, यानी प्रॉफिट आने में कई साल लग सकते हैं। साथ ही, ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर के मुकाबले रुपये में आने वाली गिरावट का सीधा असर प्रोजेक्ट की लागत और मुनाफे पर पड़ सकता है। फिलहाल BPCL का शेयर ₹303 से ₹304 के दायरे में ट्रेड कर रहा है। बाजार की नजर इस बात पर है कि कंपनी अपने कर्ज के स्तर और बैलेंस शीट को कैसे मैनेज करती है।
