Bharat Petroleum (BPCL) ने अब इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर में अपनी पैठ जमाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने Automotive Research Association of India (ARAI) के साथ एक करार किया है, जिसके तहत EV बैटरी कूलिंग फ्लुइड्स और इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल के लिए नए फ्यूल एडिटिव्स तैयार किए जाएंगे।
EV के लिए नया इकोसिस्टम
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में फास्ट चार्जिंग के दौरान बैटरी में काफी गर्मी पैदा होती है, जिसे कंट्रोल करना बड़ी चुनौती है। BPCL और ARAI मिलकर 'डाई-इलेक्ट्रिक फ्लुइड्स' (dielectric fluids) विकसित करेंगे। ये खास लिक्विड बैटरी सेल्स को ठंडा रखने में मदद करेंगे। कंपनी का इरादा अब इमर्शन कूलिंग सिस्टम (immersion cooling systems) की तरफ बढ़ने का है, जो पारंपरिक कूलिंग से कहीं ज्यादा एडवांस है। अपनी लुब्रिकेशन केमिस्ट्री की विशेषज्ञता का इस्तेमाल करके BPCL अब EV कंपोनेंट मार्केट में एंट्री की तैयारी कर रही है।
इथेनॉल ब्लेंडिंग पर जोर
भारत सरकार के पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़ाने के आदेश, जैसे कि E20 मैंडेट, के बाद अब फ्यूल की क्वालिटी बनाए रखना जरूरी है। पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा बढ़ने से इंजन की परफॉर्मेंस और लंबी उम्र पर असर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए दोनों संस्थान मिलकर ऐसे फ्यूल एडिटिव्स बनाने पर रिसर्च करेंगे, जिससे इंजन की कार्यक्षमता बेहतर बनी रहे।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की कमाई फिलहाल ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों और घरेलू मार्जिन पर टिकी है। हालाँकि, यह नया R&D इनिशिएटिव लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए एक नया रास्ता खोलता है। अभी यह सेगमेंट कंपनी के कोर बिजनेस के मुकाबले काफी छोटा है, इसलिए निवेशकों को इसके कमर्शियल लॉन्च और एग्जीक्यूशन टाइमलाइन पर नजर रखनी चाहिए।
