Bharat Heavy Electricals Ltd (BHEL) ने अपनी जॉइंट वेंचर कंपनी NBPPL में **₹65 करोड़** के निवेश को मंजूरी दे दी है। यह पैसा कंपनी की देनदारियों को चुकाने और कामकाज जारी रखने के लिए दिया जा रहा है।
फंड की जरूरत क्यों पड़ी?
BHEL और NTPC Ltd के इस 50:50 जॉइंट वेंचर का उद्देश्य पावर प्लांट निर्माण और इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग को संभालना था। हालांकि, बीते कुछ समय से कंपनी की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर हो गई है। बोर्ड ने साफ किया है कि यह ₹65 करोड़ की राशि कंपनी की तत्काल देनदारियों को निपटाने के लिए दी गई है, ताकि ऑपरेशन पूरी तरह बंद न हो।
गिरता हुआ टर्नओवर है बड़ा चैलेंज
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता कंपनी का घटता बिजनेस वॉल्यूम है। आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति काफी स्पष्ट है:
- 2023-24: टर्नओवर ₹18.19 करोड़ था।
- 2024-25: यह गिरकर ₹3.48 करोड़ रह गया।
- 2025-26: प्रोविजनल आंकड़े बताते हैं कि यह और घटकर केवल ₹1.04 करोड़ पर आ गया है।
आगे क्या होगा?
प्रमोटर्स BHEL और NTPC ने कंपनी को बंद करने के बजाय उसमें कैपिटल इन्फ्यूजन का रास्ता चुना है। अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या NBPPL आने वाले समय में नए ऑर्डर हासिल कर पाएगी या इसे बार-बार पैरेंट कंपनियों से लाइफलाइन की जरूरत पड़ेगी। पावर सेक्टर में जारी इन्फ्रास्ट्रक्चर गतिविधियों के बीच, कंपनी की रिकवरी ही भविष्य तय करेगी।
