Axis Energy ने अनंतपुर में **552 MWp** के सोलर प्रोजेक्ट के लिए EPC कॉन्ट्रैक्ट हासिल कर लिया है। यह पहल Brookfield के साथ संयुक्त उद्यम 'Evren' का हिस्सा है, जिसमें ग्रिड पावर को स्टेबल बनाने के लिए बैटरी स्टोरेज का उपयोग किया जाएगा।
प्रोजेक्ट का स्ट्रक्चर
Axis Energy ने आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में इस महत्वाकांक्षी 552 MWp यूटिलिटी-स्केल सोलर प्रोजेक्ट के लिए इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कॉन्ट्रैक्ट को फाइनल कर लिया है। यह पूरा प्रोजेक्ट 'Evren' प्लेटफॉर्म के तहत विकसित किया जा रहा है, जो कनाडाई एसेट मैनेजर Brookfield और Axis Energy का एक जॉइंट वेंचर है।
क्यों खास है यह हाइब्रिड मॉडल?
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खूबी इसका हाइब्रिड डिज़ाइन है। इसमें सोलर एनर्जी के साथ-साथ 640.5 MW की विंड पावर और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) को भी जोड़ा गया है। रिन्यूएबल सेक्टर की सबसे बड़ी चुनौती 'इंटरमिटेंसी' (बिजली की आपूर्ति में उतार-चढ़ाव) को दूर करने के लिए यह BESS सिस्टम बेहद कारगर साबित होगा। यह सिस्टम जरूरत के समय बिजली को स्टोर करके उसे पीक आवर्स में ग्रिड को रिलीज करेगा।
पावर परचेज एग्रीमेंट और टाइमलाइन
प्रोजेक्ट की कमर्शियल वायबिलिटी को सुरक्षित करने के लिए कंपनी ने Andhra Pradesh Southern Power Distribution Company Ltd (APSPDCL) के साथ लंबी अवधि के पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) साइन किए हैं। कंपनी का लक्ष्य अगले 18 महीने के भीतर इस फैसिलिटी को चालू (Commissioning) करने का है।
निवेशकों के लिए जोखिम और अवसर
रिन्यूएबल सेक्टर पर नजर रखने वाले इन्वेस्टर्स के लिए यह एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की तरह है। हालांकि, इतने बड़े प्रोजेक्ट में लागत बढ़ना (Cost overruns) और कमीशनिंग में देरी जैसी चुनौतियां हमेशा बनी रहती हैं, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी होगी। प्रोजेक्ट की सफलता काफी हद तक BESS तकनीक के सफल एकीकरण और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स के नियमों के पालन पर टिकी होगी।
