हॉरमुज़ बंद, अब लाल सागर से सप्लाई
दुनिया की सबसे बड़ी तेल निर्यातक कंपनी Saudi Aramco, मध्य पूर्व में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण बंद हुए हॉरमुज़ जलडमरूमध्य से होकर होने वाले शिपमेंट को लाल सागर के Yanbu पोर्ट की ओर शिफ्ट कर रही है। यह एक बड़ा रणनीतिक कदम है, जिसके तहत कंपनी अपनी 746 मील लंबी East-West Pipeline का उपयोग करके पूर्वी क्षेत्रों से कच्चे तेल को पश्चिमी तट तक पहुंचाएगी। इसका मकसद फरवरी 2026 में देखे गए लगभग 72 लाख बैरल प्रति दिन के एक्सपोर्ट वॉल्यूम को बनाए रखना है।
शेयर में तूफानी तेजी, वजह है तेल की ऊंची कीमतें
बाजार में चल रहे तनाव और गिरावट के बावजूद Saudi Aramco (2222.SR) के शेयर में 1 मार्च, 2026 को 3.37% का उछाल देखा गया। शेयर 25.80 सऊदी रियाल (लगभग $6.88) पर बंद हुआ, जिसमें करीब 2.1 करोड़ शेयर ट्रेड हुए। इसके उलट, Tadawul All Share Index में 2.18% की गिरावट आई। विश्लेषकों का मानना है कि यह तेज़ी इस उम्मीद के चलते आई है कि बढ़ता तनाव तेल की कीमतों को और ऊपर ले जाएगा, जिससे सीधे Saudi Aramco जैसी बड़ी कंपनी को फायदा होगा। कंपनी का मार्केट कैप लगभग $1.72 ट्रिलियन USD है, जो इसे दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में से एक बनाता है।
Yanbu का नया रास्ता: लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा पर सवाल
Yanbu की ओर यह शिफ्टिंग ज़रूरी तो है, लेकिन इसमें कई लॉजिस्टिकल और सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी हैं। East-West Pipeline की क्षमता 50 लाख बैरल प्रति दिन है, जिसे कुछ बदलावों के बाद 70 लाख बैरल प्रति दिन तक बढ़ाया जा सकता है। लेकिन, यह क्षमता सऊदी अरब के कुल निर्यात को संभालने के लिए पर्याप्त हो सकती है या नहीं, यह एक बड़ा सवाल है, खासकर जब कंपनी की Ras Tanura रिफाइनरी को ड्रोन हमले के बाद बंद करना पड़ा है।
ऐतिहासिक रूप से, Yanbu टर्मिनल की लोडिंग क्षमता पाइपलाइन की क्षमता से मेल नहीं खाती है। अप्रैल 2020 में यह क्षमता 15 लाख बैरल प्रति दिन से थोड़ी ऊपर थी। ऐसे में, क्या टर्मिनल अचानक बढ़े एक्सपोर्ट को कुशलता से संभाल पाएगा, यह देखना बाकी है। Aramco का मुख्य Arab Light क्रूड इस रूट से भेजा जा रहा है। Brent क्रूड फ्यूचर्स में भी देर फरवरी से 15% से अधिक की बढ़ोतरी देखी गई है, जो $82-$83 प्रति बैरल के पार चला गया है।
खतरे की घंटी: Houthi हमले, बढ़ती लागत
लाल सागर की ओर यह कदम नए खतरे भी लेकर आया है। सबसे बड़ा डर यमन के ईरान समर्थित Houthi मिलिटेंट्स से समुद्री जहाजों पर हमलों का है। हालांकि, अभी तक सीधे तौर पर कोई घटना नहीं हुई है, लेकिन इन खतरों के चलते बड़े शिपिंग लाइन्स इस रूट से कतरा रहे हैं। East-West Pipeline खुद भी एक बड़ा निशाना बन सकती है।
इसके अलावा, लॉजिस्टिकल दिक्कतों के चलते लागत बढ़ सकती है। Natural Gas Liquids (NGLs) की टेकअवे क्षमता कम हो सकती है और Yanbu की सस्टेनेबल लोडिंग रेट को मैनेज करना होगा। सुरक्षा उपायों और बढ़ी हुई दूरी के कारण युद्ध जोखिम बीमा (war risk insurance) प्रीमियम $1 प्रति बैरल से ऊपर चला गया है, और टैंकरों के दिन के किराये (day-rates) भी बढ़ गए हैं। Ras Tanura रिफाइनरी का बंद होना इस क्षेत्र की भेद्यता (vulnerability) को दर्शाता है। यदि एक्सपोर्ट में रुकावट जारी रही, तो स्टोरेज टैंक भर सकते हैं, जिससे उत्पादन में कटौती करनी पड़ सकती है, जो कंपनी के रेवेन्यू को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। Saudi Aramco का वर्तमान P/E ratio लगभग 16.8-17.41 है, जो कई ग्लोबल ऑयल कंपनियों से ज़्यादा है, जिससे संकेत मिलता है कि शायद इसका वैल्यूएशन मौजूदा जियोपॉलिटिकल जोखिमों को पूरी तरह से नहीं दर्शा रहा है।
भविष्य का नज़रिया
विश्लेषकों का Saudi Aramco पर नज़रिया आमतौर पर सकारात्मक है। औसत 'OUTPERFORM' रेटिंग और 28.19 सऊदी रियाल का टारगेट प्राइस, जो मौजूदा स्तरों से 9% से ज़्यादा की संभावित बढ़ोतरी दिखाता है। हालांकि, UBS ने तेल की कीमतों के असर और अर्निंग्स पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताते हुए टारगेट प्राइस को 26.00 रियाल (पहले 27.00 रियाल) कर दिया है और 'Neutral' रेटिंग दी है।
