Saudi Aramco ने वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में अपनी स्थिति को और मज़बूत करते हुए, अपने Jafurah प्रोजेक्ट से कंडेनसेट (condensate) का एक्सपोर्ट शुरू कर दिया है। यह कदम कंपनी की लंबी अवधि की रणनीति का एक अहम हिस्सा है, जिसका लक्ष्य प्राकृतिक गैस (natural gas) के क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी बनना और अपने उत्पाद पोर्टफोलियो (product portfolio) में विविधता लाना है।
इस एक्सपोर्ट की शुरुआत के साथ ही, Aramco ने अपने शुरुआती कार्गो (cargoes) अमेरिका के प्रमुख तेल दिग्गजों Chevron और Exxon Mobil के साथ-साथ भारत की दिग्गज रिफाइनर Indian Oil Corp को बेच दिए हैं। यह डील $2 से $3 प्रति बैरल के प्रीमियम पर हुई है, जो दुबई बेंचमार्क कीमतों से ऊपर है। यह दरें हल्के क्रूड ग्रेड (light crude grades) की बढ़ती मांग को साफ तौर पर दर्शाती हैं, खासकर उन ग्रेड्स की जो पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक (feedstock) के लिए बेहद ज़रूरी हैं।
Jafurah कंडेनसेट की गुणवत्ता बेजोड़ है। इसमें 49.7 API की ग्रेविटी है और केवल 0.17% सल्फर (sulfur) की मात्रा है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि इससे नेफ्था (naphtha) जैसे पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक की भारी मात्रा प्राप्त होती है, जो प्लास्टिक और अन्य ज़रूरी रसायनों के उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है।
यह Jafurah प्रोजेक्ट Aramco के लिए एक $100 बिलियन का महत्वाकांक्षी निवेश है। यह प्रोजेक्ट सऊदी अरब के प्राकृतिक गैस उत्पादन को काफी बढ़ाने के साथ-साथ अल्ट्रा-लाइट क्रूड ऑयल (ultra-light crude oil) की बड़ी मात्रा को भी बाहर लाएगा। अनुमान है कि इसमें 229 ट्रिलियन स्टैण्डर्ड क्यूबिक फीट (Tcf) कच्ची गैस और 75 बिलियन बैरल कंडेनसेट है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 2 बिलियन क्यूबिक फीट प्रति दिन (bcfd) की उत्पादन क्षमता हासिल करना है, जिससे Aramco दुनिया में एक प्रमुख गैस पावरहाउस के तौर पर स्थापित हो सके। इस फील्ड का रिजर्व लाइफ 200 साल से भी ज़्यादा आंका गया है।
बाज़ार में Jafurah कंडेनसेट का प्रवेश इसे मौजूदा सप्लायर्स के लिए एक मज़बूत प्रतिस्पर्धी (competitor) बनाता है। यह विशेष रूप से कतर की QatarEnergy और ADNOC जैसी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा करेगा, जो कंडेनसेट के बड़े उत्पादक हैं। Jafurah का कंडेनसेट ऑस्ट्रेलिया के Ichthys और कतर के कंडेनसेट के समान है, जो अपनी उच्च नेफ्था यील्ड (naphtha yield) के लिए जाने जाते हैं। वहीं, यह अमेरिका के हल्के ग्रेड्स (lighter U.S. grades) से भी मुकाबला करेगा। दुनिया भर में नेफ्था की मांग, जो पेट्रोकेमिकल उद्योग से जुड़ी है, लगातार बढ़ रही है। ग्लोबल नेफ्था बाज़ार का मूल्य $178 बिलियन से अधिक है और इसके आगे भी बढ़ने की उम्मीद है।
हालांकि, इस बड़े प्रोजेक्ट में कुछ जोखिम भी जुड़े हैं। $100 बिलियन के Jafurah प्रोजेक्ट के निष्पादन (execution) में बड़ी चुनौतियां हो सकती हैं, और किसी भी तरह की देरी या लागत वृद्धि मुनाफे को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा, कतर जैसे अन्य उत्पादकों से संभावित आपूर्ति वृद्धि के कारण बाज़ार में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है, जिससे कीमतों पर दबाव आ सकता है। Saudi Aramco का शेयर प्रदर्शन (stock performance) वैश्विक तेल कीमतों (oil prices) से भी जुड़ा हुआ है, जो इसमें अस्थिरता (volatility) लाता है।
बावजूद इसके, विश्लेषकों (analysts) का नज़रिया सकारात्मक है। ज़्यादातर फर्म 'Buy' रेटिंग दे रही हैं और ऐसे प्राइस टारगेट (price targets) तय कर रही हैं जो संभावित अपसाइड (upside) का संकेत देते हैं। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (market capitalization) लगभग $1.657 ट्रिलियन है और इसका P/E अनुपात (P/E ratio) 16.1x है। Aramco का इंटीग्रेटेड बिज़नेस मॉडल (integrated business model) इसे वैल्यू चेन (value chain) में कहीं भी फायदा उठाने में मदद करता है।