Global Forest Coalition की एक रिपोर्ट ने Aperam BioEnergia के ब्राजील स्थित प्लांटेशन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। कंपनी के 'ग्रीन स्टील' मॉडल और एनवायरमेंटल दावों पर उठे इन आरोपों ने कंपनी के लिए नए ESG रिस्क पैदा कर दिए हैं, जबकि कंपनी ने हाल ही में **€250 मिलियन** की फंडिंग हासिल की है।
Aperam BioEnergia, जो स्टेनलेस स्टील दिग्गज Aperam की सब्सिडियरी है, अब ग्लोबल फॉरेस्ट कोएलिशन (Global Forest Coalition) की एक रिपोर्ट के बाद विवादों में है। रिपोर्ट में कंपनी के जेकितिनहोन्हा घाटी (Jequitinhonha Valley) में स्थित यूकेलिप्टस प्लांटेशन के सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभावों पर गंभीर चिंताएं जताई गई हैं।
पानी और समुदाय पर असर
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन प्लांटेशन के कारण साल 1974 से 2019 के बीच स्थानीय जलस्तर में 4.5 मीटर की गिरावट आई है। पानी की भारी खपत से फैनडो नदी (Fanado River) का जलस्तर घटने और पारंपरिक क्विलोम्बोला (Quilombola) और ग्रोतेइरा-चापादेइरा (Groteira-Chapadeira) समुदायों के विस्थापन जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। साथ ही, केमिकल पेस्टिसाइड्स के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए गए हैं।
'ग्रीन स्टील' मॉडल की साख पर खतरा
विवाद का मुख्य केंद्र कंपनी की 'ग्रीन स्टील' रणनीति है। Aperam हर साल 420,000 टन से अधिक चारकोल का उत्पादन करती है। ग्लोबल फॉरेस्ट कोएलिशन का तर्क है कि यह मॉडल पारिस्थितिक क्षरण (ecological degradation) पर आधारित है और कंपनी के कार्बन क्रेडिट की वैधता को भी चुनौती देता है।
IFC फंडिंग और भविष्य की चुनौतियां
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब कंपनी ने फरवरी 2025 में इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (IFC) के साथ €250 मिलियन का फाइनेंसिंग एग्रीमेंट साइन किया था। यह रकम कंपनी को 42,000 हेक्टेयर से अधिक जमीन खरीदने और चारकोल उत्पादन बढ़ाने में मदद करने के लिए दी गई थी। अब निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि IFC और कंपनी इन आरोपों पर क्या कदम उठाते हैं, क्योंकि यह सीधे कंपनी की सस्टेनेबिलिटी रेटिंग और भविष्य की ग्रीन फाइनेंसिंग को प्रभावित कर सकता है।
